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क्या शीला दीक्षित की तरह केजरीवाल बन सकेंगे लगातार तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री? जानें क्या है पूरा गणित

दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे 11 फरवरी को आने हैं अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं
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नई दिल्ली

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Prakash Chand Joshi

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Updated: 8 Feb 2020, 9:45 AM IST

Will arvind Kejriwal be able to become cm of Delhi for the third consecutive time like Sheila Dixit

Will arvind Kejriwal be able to become cm of Delhi for the third consecutive time like Sheila Dixit

नई दिल्ली: दिल्ली का मुख्यमंत्री कौन बनेगा? इसके लिए लोग सुबह 8 बजे से ही वोटिंग कर रहे हैं। चुनाव के नतीजे 11 फरवरी को आएंगे। ऐसे में इस दिन साफ हो जाएगा कि दिल्ली की सत्ता पर कौन काबिज होगा। सबकी नजर इस बात पर भी है कि क्या आम आदमी पार्टी फिर से सत्ता पर काबिज होगी या फिर बीजेपी या फिर कांग्रेस वापसी करेगी। लेकिन अगर अरविंद केजरीवाल ( Arvind Kejriwal ) फिर से सीएम बनते हैं, तो वो शीला दीक्षित का रिकॉर्ड तोड़ देंगे। चलिए जानते हैं क्या है वो रिकॉर्ड।

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दरअसल, दिल्ली की गोल मार्केट और नई दिल्ली विधानसभा सीट कांग्रेस का गढ़ रही है। साल 1998 से लगातार कांग्रेस ( Congress ) का इस सीट पर दबादबा रहा है। वहीं नई दिल्ली सीट से दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय शीला दीक्षित ने 3 बार चुनाव जीता और लगातार 15 सालों तक दिल्ली की सत्ता पर काबिज रही। वहीं आम आदमी पार्टी संस्थापक अरविंद केजरीवाल ने साल 2013 और साल 2015 में नई दिल्ली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। केजरीवाल ने पहली बार जरुर राजनीति में कदम रखें थे, लेकिन लगातार 2 बार वो दिल्ली के मुख्यमंत्री बने। ऐसे में अब सवाल ये कि क्या केजरीवाल शीला दीक्षित के लगातार 3 बार मुख्यमंत्री बनने के रिकॉर्ड को तोड़ेंगे।

केजरीवाल अगर इस बार भी जीत दर्ज करके सीएम बनते हैं, तो वो लगातार 3 बार दिल्ली के सीएम बनने वाले दूसरे शख्स बन जाएंगे और शीला दीक्षित ( Sheila Dikshit ) के रिकॉर्ड को तोड़ देंगे। नई दिल्ली सीट से इस बार केजरीवाल का सामना बीजेपी के सुनील यादव और कांग्रेस के रोमेश सभरवाल से है। दोनों उम्मीदवारों ने तबाड़तोड़ प्रचार किया और लोगों को अपने पक्ष में वोट देने की अपील भी की। ऐसे में केजरीवाल का इस सीट से दर्ज करना एक चुनौती भरा काम हो सकता है। वहीं बात अगर नई दिल्ली विधानसभा सीट की करें, तो पिछले 2 दशक से भी ज्यादा समय से ये सीट वीवीआइपी सीट है। इस सीट से जीतने वाला उम्मीदवार दिल्ली का सीएम बन चुका है। जैसे शीला दीक्षित और अरविंद केजरीवाल।