
World Heritage Day: विश्व की अनमोल धरोहर हैं भारत की ये इमारतें, इनके रखरखाव में हर महीने खर्च किए जाते हैं करोड़ों रुपये
नई दिल्ली: दुनिया ( world ) में ऐसे कई स्थान हैं जिनका इतिहास ( History ) और संस्कृति ( Culture ) से ख़ास नाता है, ऐसे स्थानों को यूनेस्को ( UNESCO ) ( United Nations Educational, Scientific and Cultural Organization ) की लिस्ट में विश्व की धरोहार के तौर पर रखा जाता है। पूरी दुनिया में ऐसे 981 स्थान हैं जिन्हें विश्व की धरोहर माना गया है। इनमें से 32 स्थान भारत में ही हैं जिनमें से कुछ के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं।
ताज महलः दुनियाभर में Taj Mahal को प्यार की निशानी के तौर पर देखा जाता है। ताज महल एक बेहद ही खूबसूरत इमारत है जिसका दीदार करने के लिए दुनिया भर से टूरिस्ट यहां आते हैं। आपको बता दें कि ताजमहल उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में में यमुना नदी के किनारे स्थित है। इसका निर्माण मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज महल की याद में करवाया था। ताजमहल को इतने बेहतरीन तरीके से बनाया गया है कि दुनिया के बेहतरीन इंजीनियर भी इसे देखकर हैरान रह जाते हैं।
सूर्य मंदिर कोणार्कः ओडीशा के कोणार्क में स्थित सूर्यमंदिर भी भारत की धरोहर में शामिल है। यह मंदिर सूर्य को समर्पित है और इसे देखने के लिए सैलानियों की भीड़ जुटती है। सूर्य भगवान को ध्यान में रखकर इस मंदिर का निर्माण किया गया था और इसका कोना-कोना सूर्य को समर्पित है।
आगरा का किलाः आगरा में जो किला स्थित है उसे लाल किले के नाम से भी जाना जाता है। इस किले को साल 1983 में यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल घोषित किया था। लाल किला ताजमहल से 2.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और इसे देखने के लिए हर रोज़ यहां बड़ी संख्या में लोग आते हैं। इस किले का निर्माण साल 1565 में मुगल सम्राट अकबर ने करवाया था।
अजंता की गुफाएं: इन गुफाओं को भी विश्व धरोहर माना गया है और ये महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में स्थित हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि अजंता की गुफाओं में चट्टानों की बनी करीब 30 बौद्ध गुफा स्मारक हैं जिनका निर्माण ई.पू. 2 शताब्दी से लेकर 480 या 650 ई. तक किया गया था। इस गुफा के अन्दर बौद्धधर्म से जुडी चित्रकारी देखने को मिलती है जिसमें भगवान बुद्ध के जीवन को दर्शाया गया है।
एलोरा की गुफाएं: ये गुफाएं महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले से 29 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। इन गुफाओं का निर्माण चारनंद्री पहाड़ियों पर किया गया है और ये गुफाएं हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म को पूरी तरह से समर्पित हैं। साल 1983 में इन गुफाओं को यूनेस्को ने वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल किया था।
Updated on:
18 Apr 2019 02:24 pm
Published on:
18 Apr 2019 07:32 am
बड़ी खबरें
View Allहॉट ऑन वेब
ट्रेंडिंग
