शरीर की गर्मी को शांत करते हैं ये योगासन, सर्दियों में भूल कर भी न करें

यहां यह ध्यान रखने की बात हैं कि इन आसनों को सर्दी के मौसम में करने से बचना चाहिए अथवा किसी अनुभवी योग गुरू की देखरेख में ही करना चाहिए।

By: सुनील शर्मा

Published: 20 Nov 2020, 06:32 PM IST

गर्मी का मौसम आलस और सुस्ती का है। गर्मी के कारण लोगों को बहुत सी स्वास्थ संबंधी समस्याएं होने लगती है। ऐसे में कुछ योग आसान और प्रणायाम के जरिए हम शरीर को तंदुरुस्त और ठंडा रख सकते है। उम्र के हर पड़ाव के अनुसार शरीर के लिए अलग-अलग योगासन हैं। इसलिए जानिए उम्र के हिसाब से कौन सा योग आपके लिए फिट है। यहां यह ध्यान रखने की बात हैं कि इन आसनों को सर्दी के मौसम में करने से बचना चाहिए अथवा किसी अनुभवी योग गुरू की देखरेख में ही करना चाहिए।

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शीतली प्राणायाम
बच्चों के शरीर को ठंडक देने के लिए शीतली प्राणायाम करवा सकते है। शुरुआत में दो मिनट करें फिर धीरे-धीरे इसका समय बढ़ाएं। इससे नकारात्मक भाव खत्म होता है। इसके अलावा वृक्षासन, ताड़ासन भी बच्चों के लिए लाभकारी है। इससे हाइट और एकाग्रता बढ़ती है। अस्थमा की दिक्कत है तो अपनी क्षमता के अनुसार ही करें। योग आराम से करें जल्दबाजी न करें। बच्चों को योग कराने से पहले योग विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

शशांक आसन
व्यस्कों के लिए शशांक आसन बेहतर है। इससे रक्त प्रवाह ठीक रहता है। मस्तिष्क, आंख व याद्दाश्त ठीक रहती है। इससे शांति मिलती है व चिंता से छुटकारा मिलता है। फेफड़े और पाचन तंत्र मजबूत होता है। उच्च रक्तचाप या चक्कर आने की दिक्कत रहती है तो इसे बिलकुल भी न करें।

युवावर्ग का जीवन भागदौड भरा हो गया है। इसके साथ ही जीवनशैली में तनाव भी बहुत है। गर्मियों में पवनमुक्त आसन युवाओं के लिए लाभकारी है। इससे पाचनतंत्र अच्छा रहने के साथ शरीर लचीला बनता है और पूरे शरीर को ठंडक मिलती है । युवाओं को ध्यान केंद्रित करने की भी जरूरत होती है। इसके लिए ‘ओम’ शब्द का उच्चारण ***** कर विचारों को स्थिर कर सकते है। यदि कोई ऑपरेशन हुआ है तो ये आसन कतई न करें। इससे सेहत को नुकसान हो सकता है।

गर्भवती के लिए सूक्ष्म क्रिया
गर्भवती को सूक्ष्म क्रियाएं करनी चाहिए। ज्यादा भरी आसन नहीं करने चाहिए। उत्तानपाद आसन लाभकारी है। इसके लिए भूखे नहीं रहना पड़ता है। इससे पैर के अंगूठे से लेकर पेट के निचले हिस्से तक खिंचाव आता है। सुबह-शाम खुली हवा में टहलें, खानपान का भी ध्यान रखें।

बुजुर्गों के लिए प्राणायाम
मांसपेशियों की जकडऩ और ऑपरेशन करा चुके बुजुर्ग कोई भी कठिन आसान नहीं कर सकते हैं। प्राणायाम उनके लिए बेहतर है। साथ ये सूक्ष्म क्रियाएं कर सकते है। प्राणायाम का समय शरीर की ताकत के अनुसार रखें। गर्मियों में कपालभाति न करें इससे गर्मी पैदा होती है।

सुनील शर्मा
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