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8.65 लाख हेक्टेयर में बुआई का लक्ष्य
कृषि विभाग ने इस वर्ष जिले में 8.65 लाख हेक्टेयर में बुआई का लक्ष्य रखा है। किसानों ने अरहर, कपास, सोयाबीन, मूंग और उड़द उगाने के लिए अपने खेतों को तैयार करना शुरू कर दिया। पिछले साल मानसून की विफलता के कारण सूखे के कारण जिले के सभी तालुकों में अरहर की फसल प्रभावित हुई थी। हालांकि किसानों ने दो बार बुआई की थी, लेकिन बारिश की कमी के कारण फसल प्रभावित हुई। इससे किसानों को घाटा हुआ। अफजलपुर, जेवरगी, शाहाबाद, चित्तपुर, सेदाम और अलंद तालुकों के किसानों को भारी नुकसान हुआ क्योंकि बारिश की कमी के कारण उन्हें उपज नहीं मिल सकी। सरकार से फसल नुकसान का मुआवजा और बीमा कंपनियों से फसल बीमा मिलने से किसानों ने थोड़ी राहत की सांस ली। उसी राशि का उपयोग कर किसानों ने बुआई के लिए बीज व खाद खरीदने का निर्णय लिया है।
बाजरा, सूरजमुखी के बीज स्टॉक में
हालांकि जुलाई में बहुत कम बारिश हुई, लेकिन इन फसलों को उगाने का समय पहले ही ख़त्म हो चुका था। इस प्रकार किसानों ने सीधे अरहर की बुआई की। लेकिन अरहर का बीज कभी अंकुरित नहीं हुआ, जिससे किसानों की खेती से उम्मीदें खत्म हो गईं। वे अपनी आजीविका के लिए रोजगार की तलाश में शहरों की ओर पलायन कर गए। पैदावार कम होने से बाजार में अरहर की सप्लाई भी कम हो गई है। कृषि विभाग के अनुसार, जिले में अरहर, मूंग, सोयाबीन, उड़द, बाजरा, सूरजमुखी के बीज स्टॉक में हैं।
Published on:
20 May 2024 06:32 pm
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