
हेमंत नगर गणपति मंदिर।
श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र
मुख्य मंदिर में भगवान गजानन के साथ मारुति की प्रतिमा भी स्थापित है। इसके अलावा मंदिर परिसर में ईश्वर, नवग्रह और नागदेवता की प्रतिमाएं भी श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं। वर्तमान में मुख्य मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा है। ऐसे में गजानन की प्रतिमा के दर्शन फिलहाल नहीं हो रहे हैं।
पुराने पीपल के पेड़ की भी होती है पूजा
मंदिर परिसर में स्थित पुराना पीपल का पेड़ भी विशेष श्रद्धा का केंद्र है। श्रद्धालु इसकी पूजा-अर्चना करते हैं। मंदिर के पुजारी सेतुराम कोरलाहल्ली धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराते हैं। मंदिर में वर्ष में दो बार रुद्राभिषेक का आयोजन किया जाता है। इसके अलावा होम-हवन, प्रसाद वितरण समेत अन्य धार्मिक आयोजन भी होते रहते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर के प्रति क्षेत्रवासियों की गहरी आस्था है और लोग अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना लेकर यहां पहुंचते हैं।
15 वर्षों से गणेश चतुर्थी पर विशेष आयोजन
करीब 15 वर्षों से गणेश चतुर्थी के अवसर पर मंदिर परिसर में मिट्टी से निर्मित भगवान गणपति की प्रतिमा स्थापित की जा रही है। सात दिनों तक विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान होते हैं। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहता है और आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं।
ट्रस्ट करता है मंदिर की देखरेख
मंदिर की व्यवस्थाओं और धार्मिक गतिविधियों की देखरेख हेमंत नगर देवस्थान ट्रस्ट की प्रबंध समिति करती है। समिति में प्रकाश कुलकर्णी अध्यक्ष, जयश्री कुलकर्णी उपाध्यक्ष, वी. बी. पाटिल सचिव और चिक्कन्ना खासनिस कोषाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। ट्रस्टियों में पूर्व सचिव सुगुना नायक, प्रमिला जोशी, प्रभाकर कुलकर्णी, प्रकाश श्रीधर कुलकर्णी और प्रेमा पाटिल शामिल हैं। ट्रस्ट की ओर से मंदिर की धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के साथ विभिन्न आयोजनों की व्यवस्था की जाती है।
आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं का केंद्र
हेमंत नगर स्थित यह मंदिर केवल आसपास के निवासियों तक सीमित नहीं है। विभिन्न इलाकों से श्रद्धालु नियमित रूप से यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। त्योहारों और विशेष धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है।
दर्शन करने से मन को शांति
प्रबंध समिति हेमंत नगर देवस्थान ट्रस्ट के सचिव वी. बी. पाटिल कहते हैं, गणपति मंदिर हमारे क्षेत्र के लोगों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां दर्शन करने से मन को शांति मिलती है। गणेश चतुर्थी और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
नियमित रूप से पूजा-अर्चना
प्रबंध समिति हेमंत नगर देवस्थान ट्रस्ट की पूर्व सचिव सुगुना नायक कहती हैं, मंदिर में भगवान गणपति के साथ अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं हैं। परिसर में स्थित पुराना पीपल का पेड़ भी श्रद्धा का केंद्र है। वर्षों से लोग यहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना के लिए आते हैं।
Updated on:
8 Sep 2026, 9:16 PM IST
Published on:
8 Sep 2026, 6:54 PM IST
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