
सवाल: आप डोंगरे महाराज के शिष्य हैं और भागवत, शिव महापुराण, देवी भागवत जैसी कथाएं वर्षों से कर रहे हैं। हुब्बली में होने वाली शिव महापुराण कथा की क्या विशेषता रहेगी?
जवाब: शिव महापुराण केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला महाग्रंथ है। इसमें विभिन्न स्कंधों और प्रसंगों के माध्यम से मानव जीवन के अनेक पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है। कथा के प्रथम दिन हम इस विषय पर चर्चा करेंगे कि मनुष्य का जीवन कैसा होना चाहिए और उसे किन मूल्यों के साथ जीना चाहिए। इसके बाद भगवान शिव के प्राकट्य, सती चरित्र, लक्ष्मी एवं संपत्ति के प्रादुर्भाव, शिव-पार्वती विवाह तथा अन्य महत्वपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा।
सवाल: आपने भारत के अलावा कई देशों में भी कथा की है। वहां का अनुभव कैसा रहा?
जवाब:भगवान की कथा की कोई सीमा नहीं होती। मुझे यूके, अमरीका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, दुबई, अफ्रीका, मॉरीशस सहित अनेक देशों में कथा करने का अवसर मिला है। वहां हिंदी, अंग्रेजी और गुजराती तीनों भाषाओं में कथा सुनाई जाती है। विदेशों में भी भारतीय संस्कृति और अध्यात्म के प्रति लोगों की गहरी आस्था देखने को मिलती है।
सवाल: आज की युवा पीढ़ी को धार्मिक कथाओं से कैसे जोड़ा जा सकता है?
जवाब: यह काफी हद तक कथा वाचक पर निर्भर करता है। यदि कथा को रोचक, सरल और जीवन से जोड़कर प्रस्तुत किया जाए तो बच्चे और युवा दोनों उससे जुड़ते हैं। युवाओं को केवल उपदेश नहीं, बल्कि जीवन के व्यावहारिक समाधान चाहिए। कथा में जब उन्हें प्रेरणा, सकारात्मक सोच और जीवन प्रबंधन के सूत्र मिलते हैं तो उनकी रुचि स्वाभाविक रूप से बढ़ती है।
सवाल: आपकी कथाओं में केवल धार्मिक प्रसंग ही नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक विषय भी शामिल रहते हैं?
जवाब: बिल्कुल। कथा का उद्देश्य केवल धार्मिक ज्ञान देना नहीं है। परिवार, संस्कार, रिश्तों की महत्ता, माता-पिता का सम्मान और समाज के प्रति जिम्मेदारी जैसे विषयों पर भी चर्चा होती है। कथा के दौरान समय-समय पर प्रेरक प्रसंग और मोटिवेशनल संदेश भी दिए जाते हैं।
सवाल: आज समाज किन चुनौतियों का सामना कर रहा है?
जवाब: आज व्यक्ति अपनी क्षमता से अधिक पाने और दूसरों से आगे निकलने की दौड़ में लगा है। आय से अधिक खर्च करने और लगातार तुलना करने की प्रवृत्ति बढ़ी है। यही तनाव और अशांति का बड़ा कारण बनती जा रही है। जीवन में संतुलन, संतोष और आत्मिक शांति आवश्यक है।
सवाल: शिव महापुराण का मुख्य संदेश क्या है?
जवाब: भागवत कथा परिवार और भक्ति को समर्पित है, रामकथा मर्यादा का संदेश देती है, वहीं शिव महापुराण में समस्त जगत के कल्याण की भावना निहित है। शिव का स्वरूप ही कल्याणकारी है। परिवार में समर्पण, त्याग और प्रेम का भाव रहेगा तो सुख और शांति बनी रहेगी। जहां प्रेम नहीं होता, वहां अशांति प्रवेश कर जाती है। प्रेम ही जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है और उसी के माध्यम से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
सवाल: अब तक आपने कितनी शिव महापुराण कथाएं की हैं?
जवाब: अब तक लगभग 55 से अधिक शिव महापुराण कथाएं कर चुका हूं। पिछले 35 वर्षों से कथा सेवा में जुड़ा हूं और सामान्यत: प्रत्येक माह दो से तीन कथाएं होती हैं। हमारी कथाएं संगीतमय शैली में प्रस्तुत की जाती हैं, जिससे श्रोता सहज रूप से जुड़ पाते हैं। हुब्बली में पहली बार शिव महापुराण कथा का आयोजन हो रहा है, जिसे लेकर भक्तों में विशेष उत्साह है। इसके साथ ही भागवत कथा समेत अन्य कथाएं सैकड़ों की हैं।
Published on:
08 Jun 2026 06:37 pm
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