
देव दर्शन यात्रा योजना
समाज कल्याण निदेशालय द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार अब इस योजना का लाभ 50 से 70 वर्ष की आयु के पात्र नागरिक उठा सकेंगे। पहले इस योजना के तहत न्यूनतम आयु सीमा 60 वर्ष निर्धारित थी, जिसे घटाकर 50 वर्ष कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से बड़ी संख्या में ऐसे नागरिकों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जो धार्मिक यात्रा करने की इच्छा रखते हैं लेकिन उम्र संबंधी शर्तों के कारण अब तक इस योजना से वंचित थे। योजना के तहत प्रत्येक पात्र यात्री के साथ एक अटेंडेंट को भी नि:शुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान की जाएगी।
ऑनलाइन आवेदन और ट्रेन से सामूहिक यात्रा
समाज कल्याण निदेशालय के अधिकारियों के अनुसार अब इस योजना के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। इसके लिए एक विशेष वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप विकसित किया गया है। आवेदकों को स्व-घोषणा पत्र देना होगा, जिसमें यह पुष्टि करनी होगी कि उन्होंने पहले इस योजना का लाभ नहीं लिया है। इसके साथ ही एक स्व-चिकित्सा प्रमाण पत्र भी देना अनिवार्य होगा, जिसमें यह उल्लेख हो कि आवेदक शारीरिक और मानसिक रूप से यात्रा के लिए सक्षम है तथा उसे कोई संक्रामक बीमारी नहीं है। अधिसूचना में बताया गया है कि तीर्थ यात्राएं कम से कम 750 यात्रियों के समूह में आयोजित की जाएंगी। ये यात्राएं सरकार द्वारा नियुक्त अधिकृत टूर ऑपरेटर्स के माध्यम से एजेंसी पैकेज के तहत ट्रेन से कराई जाएंगी। यात्रा स्थलों का चयन पूर्व निर्धारित सूची के अनुसार किया जाएगा।
ऑनलाइन प्रक्रिया से पारदर्शिता बढ़ेगी
हर यात्रा के लिए आवेदनों की समीक्षा सोशल वेलफेयर मंत्री की अध्यक्षता वाली एक सैंक्शनिंग कमेटी द्वारा ट्रिप-बाय-ट्रिप आधार पर की जाएगी। समिति पात्रता, दस्तावेजों और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर यात्रियों का अंतिम चयन करेगी। अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन प्रक्रिया से पारदर्शिता बढ़ेगी और चयन प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित होगी। सरकार को उम्मीद है कि संशोधित देव दर्शन यात्रा योजना से वरिष्ठ नागरिकों को धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर आसानी से मिल सकेगा और सामाजिक कल्याण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
Published on:
03 Jan 2026 07:05 pm
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