
चित्तापुर के दंडगुंड में तेंदुए की आहट से लोग भयभीत, मवेशियों का शिकार
दंडगुंड और यागापुर गांवों के बीच स्थित पहाड़ी वन क्षेत्र में लोगों ने एक तेंदुए को घूमते हुए देखा
कलबुर्गी. चित्तापुर तालुक के दंडगुंड गांव के पास शनिवार रात को एक तेंदुए को देखे जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। विद्यानंद हिरेमठ नाम का शख्स शनिवार रात को कार से दंडगुंड गांव जा रहा था, तभी उसने कार की लाइट की रोशनी में तेंदुए को देखा और वीडियो बना लिया परन्तु वीडियो में तेंदुए की मौजूदगी साफ नजर नहीं आ रही है। वीडियो में तेंदुआ हमारी तरफ आ रहा है कहने की आवाज सुनाई दे रही है।
हर साल की परंपरा के अनुसार श्रावण महीने के तीसरे सोमवार को दंडगुंड में बसवन्ना मेला, पालकी उत्सव और रथोत्सव आयोजित किया जाता है। रथोत्सव से एक दिन पहले, एक तेंदुए के प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देने का एक वीडियो वायरल होने से बसवन्ना के भक्तों के बीच चिंता पैदा कर दी है।
पिछले सप्ताह से घूम रहा है तेंदुआ
दंडगुंड के ग्रामीणों ने बताया कि दंडगुंड और यागापुर गांवों के बीच स्थित पहाड़ी वन क्षेत्र में लोगों ने एक तेंदुए को घूमते हुए देखा है। मवेशी और भेड़ें चराने के लिए खेत में गए, तो साबन्ना गुड्डे की तीन भेड़ें, नरसप्पा गुड्डे की दो भेड़ें, और भीमन्ना मरेनोर की दो गाय के बछड़े लेकर गया है। बड़े टांडा के पास दो भेड़ों का शिकार कर ले गया है।
अज्ञात लोगों के बिछाए जाल में फंसा तेंदुआ?
ग्रामीणों ने बताया कि एक सप्ताह पहले दंडगुंड, यागापुर वन क्षेत्र में जंगली सूअर को पकड़ने के लिए लोगों की ओर से लगाए जाल में एक तेंदुआ फंस गया था। तेंदुए का क्या हुआ इसकी कोई जानकारी नहीं है। दो तेंदुए घूम रहे थे। अब शनिवार को केवल एक तेंदुआ देखा गया, जिससे किसानों और लोगों को चिंता सता रही है। वन अधिकारी ने बताया कि ***** पकड़ने के लिए जाल बिछाने और तेंदुए के फंसने की जानकारी नहीं मिली है।
तेंदुए की पुष्टि होने पर पकड़ने के लिए चलाएंगे ऑपरेशन...
दंडगुंड के पास एक तेंदुआ देखे जाने की सूचना के आधार पर क्षेत्रीय वन अधिकारी विजयकुमार बडिगेर ने वन विभाग के कर्मचारियों के साथ रविवार सुबह गांव का दौरा कर तेंदुए के बारे में जानकारी जुटाई। क्षेत्रीय वन अधिकारी विजयकुमार ने बताया कि तेंदुए के घूमने के बारे में पुष्टि होने पर उसे पकड़ने के लिए हम पिंजरा लगाकर ऑपरेशन चलाएंगे। बारिश के कारण तेंदुए के पैरों के निशान मिल सकते हैं। उन्होंने बताया कि किसान अपने मवेशियों को लेकर अकेले नहीं जाना चाहिए। लोगों को समूह बनाकर खेतों में आना-जाना चाहिए। जंगली जानवरों से बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। इस बारे में दंडगुंड, संकनूर और यागापुर गांवों में ढिंढोरा पीटकर लोगों में जागरूकता पैदा की गई है।
Published on:
05 Sept 2023 08:14 am
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