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स्वस्थ समाज के निर्माण में शराब की बिक्री बाधक

राज्य के कानून एवं संसदीय कार्य मंत्री एचके पाटिल ने कहा कि शराब की बिक्री स्वस्थ समाज के निर्माण में बाधक है। धारवाड़ में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए पाटिल ने कहा कि शराब की दुकान को लेकर पक्ष-विपक्ष में काफी चर्चा चल रही है परन्तु स्वस्थ समाज का निर्माण करना है तो शराब की दुकानें कम होनी चाहिए।

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स्वस्थ समाज के निर्माण में शराब की बिक्री बाधक

स्वस्थ समाज के निर्माण में शराब की बिक्री बाधक

मंत्री एचके पाटिल ने कहा
हुब्बल्ली. राज्य के कानून एवं संसदीय कार्य मंत्री एचके पाटिल ने कहा कि शराब की बिक्री स्वस्थ समाज के निर्माण में बाधक है। धारवाड़ में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए पाटिल ने कहा कि शराब की दुकान को लेकर पक्ष-विपक्ष में काफी चर्चा चल रही है परन्तु स्वस्थ समाज का निर्माण करना है तो शराब की दुकानें कम होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार को भी शराब की दुकानों की संख्या कम करने पर भी ध्यान देना चाहिए। हम सहित सभी को यह एहसास होना चाहिए कि समाज और लोगों के स्वास्थ्य से अधिक सरकार के लिए राजस्व महत्वपूर्ण नहीं है। शराब की बिक्री से राजस्व आने के कारण शराब का समर्थन नहीं किया जा सकता। पाटिल ने कहा कि हाल के दिनों में राजनीति में जाति को लेकर काफी चर्चा हो रही है। लिंगायत समेत सभी समुदायों ने कांग्रेस सरकार को सत्ता में लाने के लिए वोट किया है। इसमें स्वाभाविक रूप से लिंगायतों ने बड़ी संख्या में मतदान किया है।

उन्होंने कहा कि डीसीएम पद को लेकर पार्टी आवाकमान फैसला लेगा। इसके चलते अनावश्यक भ्रम पैदा नहीं करना चाहिए। सरकार की गारंटी योजना से लोकप्रियता बढ़ी है, इससे बाकी पार्टियों को चलन हो रही है। इसके चलते भ्रम पैदा कर रही हैं। मेरे राजनीतिक जीवन में जाति के मुद्दे को सामने रखकर आगे नहीं बड़ा हूं। इस बारे में कभी बात नहीं की है। इसके चलते जाति की राजनीति करना ठीक नहीं है।