
हैदराबाद में हिंदू छात्र को कलमा पढ़वाने पर भड़की भाजपा और विहिप
Hindu student forced to read kalma Hyderabad: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से एक बेहद सनसनीखेज और विवादित मामला सामने आया है, जहां एक निजी स्कूल में दूसरी कक्षा के हिंदू छात्र को शिक्षिका द्वारा 'कलमा' पढ़ने के लिए मजबूर किया गया। इस घटना के सामने आने के बाद छात्र के माता-पिता, स्थानीय निवासियों और हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया है। चौतरफा दबाव और तीखी आलोचना के बाद स्कूल प्रबंधन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षिका की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।
बता दें कि यह पूरा मामला हैदराबाद के सैदाबाद क्षेत्र का है। विवाद तब शुरू हुआ जब कक्षा-2 के इस छात्र की स्कूल डायरी में गृहकार्य (होमवर्क) के रूप में 'कलमा' और 'सूरा' पढ़ने व याद करने का काम दिया गया। जैसे ही बच्चे के माता-पिता को शिक्षिका द्वारा दिए गए इस निर्देश के बारे में पता चला, वे दंग रह गए. उन्होंने तुरंत स्कूल प्रशासन से संपर्क किया और इस अनुचित आचरण का विरोध किया। इंटरनेट पर कुछ वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसमें माता-पिता और स्थानीय लोग स्कूल प्रबंधन के साथ तीखी बहस करते हुए और अमानवीय प्रथाओं के खिलाफ प्रदर्शन करते नजर आ रहे हैं। बढ़ते हंगामे को देखते हुए स्कूल ने 16 जुलाई को एक आदेश जारी कर शिक्षिका शेख आयशा परवीन की सेवाएं 'मातृ शिक्षक' के रूप में तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दीं।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए माता-पिता ने कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस का रुख किया है. डीसीपी (चारमीनार जोन) खरे किरण प्रभाकर ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार को शिक्षिका ने दूसरी कक्षा के छात्रों को होमवर्क में 'कलमा' पढ़ने को कहा था। उस कक्षा के कुल 25 छात्रों में से केवल एक ही छात्र हिंदू है। यह शिक्षा नीति और स्वयं स्कूल की नीति का पूर्ण उल्लंघन है कि उन्होंने सभी छात्रों के लिए 'कलमा' पढ़ना अनिवार्य लिखा।
इस घटना पर राजनीतिक गलियारों में भी उबाल आ गया है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने इस घटना की कड़े शब्दों में भर्त्सना की और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही तेलंगाना में भाजपा के सत्ता में आने का भरोसा जताते हुए बंडी संजय ने कहा कि साल 2028 के अगले विधानसभा चुनावों के बाद जब तेलंगाना में भाजपा सत्ता में आएगी, तब सभी हिंदू छात्रों के लिए स्कूल में 'तिलक' (माथे पर धार्मिक चिह्न) लगाना अनिवार्य कर दिया जाएगा।
विश्व हिंदू परिषद (VHP) और भाजपा ने इस घटना को बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और संस्कृति पर सीधा हमला करार दिया है।
विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि स्कूल कलमा या जिहादी एजेंडे को थोपने का केंद्र नहीं बन सकते। दोषी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कठोर और दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इस घटना के पीछे तेलंगाना में सक्रिय 'मतांतरण माफिया' का हाथ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे खेल के पीछे कांग्रेस की प्रेरणा है, और कांग्रेस व ओवैसी (AIMIM) मिलकर इस तरह की ताकतों को बढ़ावा दे रहे हैं।
Updated on:
16 Jul 2026 08:19 pm
Published on:
16 Jul 2026 08:03 pm
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