
दूषित पानी पीने से 50 से ज्यादा बीमार (Photo Source- Patrika)
Indore News : देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में पहचान रखने वाले मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के बाणगंगा इलाके के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से करीब-करीब पूरे इलाके की जान पर बन आई है। यहां अचानक बड़ी संख्या में लोग गंभीर बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। हालात ये हैं कि, एक के बाद एक लोगों को उल्टी-दस्त, तेज बुखार और कमजोरी की समस्या होने लगी है। गंभीर हालत में आने के कारण अबतक 50 से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा है।
वहीं, स्थानीय लोगों के दावे के अनुसार, क्षेत्र में 100 से ज्यादा लोग इस गंभीर समस्या की चपेट में आ चुके हैं। हालांकि, प्रशासन की ओर से अबतक बीमारों की स्पष्ट गिनती को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
इलाके के लोगों की मानें तो अचानक लोगों की तबियत बिगड़ने की वजह क्षेत्र में नल से सप्लाई हुआ दूषित पानी है, जिसे पीने के बाद यहां हालात बिगड़े हैं। लोगों का कहना है कि, पिछले दो-तीन दिन से नलों से आने वाले पानी का रंग, बदबू और स्वाद सामान्य नहीं था, लेकिन मजबूरी में लोग ऐसा पानी इस्तेमाल करने के साथ-साथ पीने तक को मजबूर रहे और अब इसका नतीजा ये रहा कि, पूरे इलाका फूड पॉयजनिंग और डायरिया जैसी बीमारी की चपेट में है।
अस्पताल में भर्ती मरीजों की मानें तो सबसे पहले उन्हें बुखार आना शुरु हुआ। फिर अचानक उल्टी-दस्त होने लगे। कई मरीजों की हालत इतनी बिगड़ गई कि, उन्हें आईसीयू तक में भर्ती कराना पड़ा। बच्चों और बुजुर्गों की स्थिति ज्यादा खराब बताई जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव खुद मौके पर पहुंचे। परदेशीपुरा चौराहे पर स्थित एक नर्सिंग होम में उन्होंने मरीजों से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि, इस नर्सिंग होम में ही करीब 35 मरीज भर्ती हैं।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अस्पताल प्रबंधन को तुरंत स्टाफ बढ़ाने के निर्देश दिए और साफ कहा कि किसी भी मरीज से इलाज के दौरान एक भी पैसा नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि, इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता सभी मरीजों का इलाज कर उन्हें सुरक्षित घर भेजना है। साथ ही, मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि, फिलहाल जबतक स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती पानी उबालकर ही पिएं।
वहीं, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि, जिस टंकी से इलाके में पानी की सप्लाई हो रही है, वहां से भी सैंपल लिए गए हैं। निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों की जांच भी कर रही हैं। इस मामले में जिस किसी की भी लापरवाही पाई जाएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
Updated on:
30 Dec 2025 07:49 am
Published on:
30 Dec 2025 07:49 am
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