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50 बुजुर्गों का बेटा बनकर ‘सत्यकॉम’ कर रहा भरण-पोषण , लोग रिश्तेदारों को भूलकर इनको कर रहे याद

-बुजुर्ग की तबीयत खराब हुई तो सत्यकॉम ने कराया इलाज-सीनियर सिटीजन के बनाए स्मार्ट कार्ड

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इंदौर। कोरोनाकाल में लोगों की मदद के लिए बनाए गए सत्यकॉम वालेंटियर दो साल से बुजुर्गों की देखरेख, भोजन-राशन के साथ दवाइयों की भी व्यवस्था कर रहे हैं। अकेली रहने वाली बुजुर्ग महिला की तबीयत खराब हुई तो उन्होंने रिश्तेदार के बजाए सत्यकॉम वालेंटियर को याद किया। वालेंटियर ने डॉक्टर के पास ले जाकर चेकअप कराया और अस्पताल में दाखिल कर दवाइयों की व्यवस्था भी की।

वालेंटियर के रूप में कर रहे काम

सीनियर सिटीजन पंचायत व नगर सुरक्षा समिति के युवा सदस्य सत्यकॉम वालेंटियर के रूप में काम कर रहे हैं। एक बुजुर्ग महिला ने वालेंटियर संजय तिवारी को फोन किया। महिला की आंख में तकलीफ थी। कोई मदद नहीं कर रहा था तो वालेंटियर ने एमजी रोड स्थित निजी हॉस्पिटल में ऑपरेशन कराया। पैरों में तकलीफ के साथ अन्य परेशानी हुई तो फिर वालेंटियर से संपर्क किया। वालेंटियर ने डॉ. अरुणा वर्मा से इलाज शुरू कराया। जरूरी होने पर हॉस्पिटल में भर्ती कराया और दवाइयों की व्यवस्था भी की।

बनाए गए हैं स्मार्ड कार्ड

नोडल अधिकारी एडिशनल डीसीपी प्रशांत चौबे के निर्देश पर सीनियर सिटीजन पंचायत के सदस्य बुजुर्गों की देखभाल भी करते हैं। पंचायत ने सीनियर सिटीजन के स्मार्ट कार्ड बनाए हैं, जिससे रियायती दर पर इलाज, पैथालॉजी सुविधा और दवाइयां मिलती हैं। कोरोना काल में शहर में कई बुजुर्ग अकेले रह गए थे। रिश्तेदार भी मदद नहीं कर पा रहे थे। ऐसे में उनकी मदद के लिए करीब 150 सत्यकॉम वालेंटियर की टीम बनाई गई थी। यह टीम लॉकडाउन के दौरान बुजुर्गों को भोजन, दवाइयां दिला रहे थे। चौबे के मुताबिक, अब भी शहर के 50 बुजुर्गों की देखरेख, राशन-भोजन के साथ दवाइयों की व्यवस्था बेटे के तरह वालेंटियर कर रहे हैं।