
रिश्ते और ब्लैकमेलिंग के आरोप पर बोलीं युवती, मुझे तो बेटी की तरह रखते थे भय्यू महाराज
इंदौर. भय्यू महाराज मेरे पिता समान थे। उन्हें केयरटेकर की जरूरत थी। मनमीत अरोरा के माध्यम से मैं उनके घर काम करने लगी। वह भी मुझे बेटी की तरह सम्मान देने लगे। भय्यू महाराज को ब्लैकमेल करने या उनसे रिश्ते की बात सरासर झूठी है। पुलिस ने कभी पूछताछ के लिए मुझे नहीं बुलाया था। नोटिस मिलते ही पिता और भाई के साथ आई हूं।
यह बात भय्यू महाराज को ब्लैकमेल करने का जिस युवती पर महाराज के ड्राइवर कैलाश पाटिल ने आरोप लगाया था, उसने रविवार को सीएसपी आगम जैन को कही। उसके साथ पिता व भाई भी थे। करीब चार घंटे तक सीएसपी ऑफिस में युवती के बयान लिए गए। उसने ब्लैकमेलिंग के आरोपों को झूठा बताया। वह वर्ष 2015 से भय्यू महाराज के घर केयरटेकर के रूप में काम कर रही थी। काम छोडऩे के प्रश्न का वह कोई जवाब नहीं दे पाई। सीएसपी जैन ने बताया, युवती के प्रारंभिक बयान लिए हैं, जो बातें सामने आई हैं उनके बारे में पूछा गया। उसके भाई ने बताया, वह भय्यू महाराज का शिष्य था इसलिए वहां जाता था। दीदी वहां काम करती थीं। उसे बाकी और कोई जानकारी नहीं है। जांच के दौरान पुलिस को विनायक और युवती का एक फोटो रविवार को मिला है। एक सेवादार से ही यह फोटो पुलिस को मिला है। इसमें दोनों विवादित स्थिति में बैठे हैं। ये फोटो जब दोनों को दिखाया गया तो कुछ बोल ही नहीं पाए।
मनोवैज्ञानिक जांच
भय्यू महाराज के खास सेवादार विनायक दुधारे, शेखर पंडित, शरद से पुलिस कई बार पूछताछ कर चुकी है। हर बार रटे-रटाए बयान दिए। इन बयानों में विरोधाभास भी आए हैं। अब इनसे मनोवैज्ञानिक रूप से जानकारी लेने की कोशिश कर रही है। शनिवार को तीनों को सीएसपी ऑफिस बुलाया गया। तीनों दिनभर बैठे रहे, लेकिन पुलिस ने कोई बात नहीं की। विनायक को छोड़ दिया गया, जबकि शेखर व शरद को रातभर तेजाजी नगर थाने पर रखा गया। रविवार दोपहर १.३० बजे आजाद नगर सीएसपी ऑफिस लाया गया। विनायक को भी सुबह ११ बजे बुलाकर तीनों को बैठाए रखा गया, लेकिन कोई बात नहीं की गई। पुलिस इन्हें इस तरह रखकर देखना चाहती है इनमें क्या बदलाव आ रहा है। पुलिस वो बातें सामने लाने की कोशिश में है जो ये शायद छुपा रहे हैं।
दो को दिए नोटिस
जानकारी के अनुसार पुलिस ने बयान के लिए अनूप राजोलकर और अमोल चौहान को नोटिस दिए हैं। अनूप पर विनायक ने धमकाने का आरोप लगाया है। अमोल भय्यू महाराज का पुणे आश्रम संभालता है। उससे फोन पर उनकी काफी बातें होती रही हैं।
Published on:
31 Dec 2018 12:19 pm
