
इंदौर. इंदौर को गुजरात से जोड़ने वाला फोरलेन प्रदेश का सबसे महंगा रास्ता है। इंदौर से पिटोल की तकरीबन 155 किलोमीटर दूरी में फोरलेन महज 139 किलोमीटर ही बना है पर फिर टोल लिया जा रहा है। फोरलेन पर दत्तीगांव के पास खरमोर और झाबुआ के पास 16 किलोमीटर में कार्य अभी भी प्रगति पर है। फोरलेन निर्माण में देरी और फिर अधूरे मार्ग पर ही टोल लेने के कारण भी यह फोरलेन लगातार चर्चा में बना रहता है। वाहनों (Vehicles) से सर्वाधिक टोल दर लेने के बाद भी यहां का मार्ग खराब है। पेचवर्क के साथ अब सडक़ की सरफेस खराब होने के कारण रफ्तार में चल रहे वाहन कई बार उछल जाते हैं।
इंदौर से पिटोल मार्ग पर 139 किलोमीटर फोरलेन बना है। दत्तीगांव के पास खरमोर और झाबुआ के पास माचलिया के 16 किलोमीटर में अभी भी फोरलेन कार्य प्रगति पर है। यहां मार्च 2009 में निर्माण कार्य शुरू हुआ। सन 2017 में आधे अधूरे मार्ग पर ही टोल लेना शुरू कर दिया गया था वह भी प्रदेश में सबसे महंगी दरों पर।
यहां अभी टोल टैक्स के रूप में कार चालकों से एक बार गुजरने के 270 रुपए लिए जाते हैं। फास्टेग होने पर कार चालक को 135 रुपए चुकाने होते हैं। इसके साथ ही कमर्शियल वाहन (Commercial Vehicle) और बस के लिए तो टोल टैक्स और महंगे हैं। प्रदेश का सबसे महंगा टोल इसी मार्ग पर लिया जा रहा है। मार्ग पर मेठवाड़ा और दत्तीगांव दो स्थानों पर टोल प्लाजा लगाए गए हैं जहां वाहनों से टैक्स वसूला जाता है।
अधिकतम टैक्स लेने के बावजूद इस मार्ग की मरम्मत नहीं की रही। हालांकि नेशनल हाईवे ने सख्ती कर टोल कंपनी को मार्ग को सरपट बनाने का अल्टीमेटम भी दिया है। घाटाबिल्लोद के समीप मेठवाड़ा में फोरलेन का टोल टैक्स बचाने के चक्कर में लोग घूम कर आते हैं। इसके कारण यहां की तकरीबन 4 किलोमीटर सडक़ खराब हो चुकी है।
Published on:
10 Mar 2022 03:26 pm
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