
corona virus
इंदौर। मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। संक्रमण का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन देश के 5 से भी ज्यादा राज्यों में दस्तक दे चुका है.। मध्यप्रदेश से कोरोना के नए मामले की खबर आ रही है. कोरोना के इस तीसरी लहर के खतरे को रोकने के लिए मध्यप्रदेश सरकार की ओर से कई अहम कदम उठाये गए हैं। बता दें कि पिछले 24 घंटे में प्रदेश में 19 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।
सबसे ज्यादा केस इंदौर में 7 मिले हैं। इसके बाद भोपाल में 5 पॉजिटिव आए हैं। इसके अलावा जबलपुर में 3, उज्जैन में 2, होशंगाबाद और सिंगरौली में 1-1 पॉजिटिव मिला है। प्रदेश में 124 दिन बाद 150 से ज्यादा एक्टिव केस आए हैं। इसके पहले 7 अगस्त को 156 और 9 अगस्त को 148 एक्टिव केस थे।
रेमडेसिविर इंजेक्शन देने की जरूरत पड़ी
वहीं शहर में MRTB हॉस्पिटल में एडमिट एक मरीज को रेमडेसिविर इंजेक्शन तक लगाने की जरूरत पड़ गई। MRTB में कोरोना के 10 मरीज भर्ती हैं। इनमें एक 7 साल का बच्चा भी शामिल है। डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल डेल्टा वैरिएंट से संक्रमित मरीज ही सामने आ रहे हैं। ये उनके फेफड़ों और अन्य अंगों को ज्यादा प्रभावित नहीं कर रहा। पहले 2 या 3 मरीज ही आ रहे थे, कुछ दिन से संख्या बढ़ गई है। जिस मरीज को रेमडेसिविर इंजेक्शन देने की जरूरत पड़ी, उन्हें डायबिटीज है।
वहीं प्रदेश के हेल्थ मिनिस्टर विश्वास सारंग ने बताया कि हम तीसरी लहर के लिए पूरे तरह से तैयार हैं. सांरग ने बताया कि हमने अपने दोनों प्राइवेट और गवर्नमेंट मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को चुस्त-दुरुस्त किया है. बिस्तर से लेकर ऑक्सीजन, दवाई और ICU चाहे जो भी हो, हम अपनी जनता को किसी भी चीज की कमी नहीं होने देंगे। सीएम शिवराज सिंह ने भोपाल एयरपोर्ट रोड स्थित शासकीय नवल शाह हाईस्कूल में बुधवार को टीकाकरण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि वैक्सीन के दोनों डोज लगवाएं, ताकि किसी संकट में नहीं पड़ें। इंदौर में 8 दिन में 41 केस मिल चुके हैं।
होशंगाबाद में कोरोना
भोपाल रेलवे स्टेशन पर कुछ दिन पहले होशंगाबाद की एक महिला कोरोना पॉजिटिव आई थी, होशंगाबाद जिले में दिसंबर में कोरोना का तीन केस सामने आए थे, यह तीनों मरीज भोपाल और रानी कमलापति रेलवे स्टेशन जांच में मिले है। जिससे जिला प्रशासन की अलर्ट हो गया था।
दोनों डोज से फीका रहेगा ऑमिक्रॉन का असर
ओमिक्रॉन वैरिएंट से फैली दहशत के बीच दक्षिण अफ्रीका से एक अच्छी खबर आई है। यहां हुए एक शोध से पता चला है कि जिन लोगों ने टीके की दोनों खुराक ले ली थी, उनपर कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट का असर ज्यादा नहीं हुआ। जिन लोगों को पहले संक्रमण हुआ था, वे भी वे ज्यादातर वैरिएंट को बेअसर करने में सक्षम थे।
Published on:
09 Dec 2021 04:14 pm
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