9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

188 करोड़ के बैंक घोटाले में मुंबई, बेंगलुरू और इंदौर में सीबीआई के छापे, अहम दस्तावेज बरामद

CBI raid: इंदौर की रुचि ग्लोबल लिमिटेड पर बड़ी कार्रवाई, तीन डायरेक्टरों के घर और दफ्तर पर सर्चिंग जारी...।

2 min read
Google source verification

इंदौर

image

Manish Geete

Jun 17, 2021

black.png

,,

इंदौर। सीबीआई ने 188 करोड़ के बैंक घाटाले में तीन राज्यों के 6 ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की है। सीबीआई की टीम ने रुचि ग्लोबल लिमिटेड के तीन निदेशकों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की थी। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश के इंदौर समेत, महाराष्ट्र के मुंबई और कर्नाटक के बंगलुरू समेत छह शहरों में एक साथ की गई है।

यह भी पढ़ेंः मध्यप्रदेश के 13 ठिकानों पर सीबीआई के छापे, दो सप्ताह में तीसरी बड़ी कार्रवाई

सीबीआई की टीम ने इंदौर की रुचि ग्लोबल लिमिटेड और उसके तीन डायरेक्टर के खिलाफ एफआइआर दर्ज की थी। इन पर चार बड़ी बैंकों से 188 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप हैं। इस मामले में पुलिस उद्योगपति उमेश सहारा, साकेत बड़ोदिया और आशुतोष मिश्रा के ठिकानों पर सर्चिंग भी कर रही है। यह कार्रवाई जनवरी 2016 से दिसंबर 2017 के बीच की गई थी। बताया जाता है कि बैंकों की ओर से की गई एफआइआर के बाद सीबीआई ने यह बड़ी कार्रवाई की है। रुचि ग्रुफ आफ इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी के रूप में रुचि ग्लोबल लिमिटेड अस्तित्व में है। यह मेटल्स और दालों का थोक कारोबार करती है। इस कंपनी के मुंबई स्थित रजिस्टर्ड आफिस पर भी कार्रवाई जारी है। प्रारंभिक पूछताछ में कई अहम दस्तावेज भी सीबीआई की टीम ने बरामद किए हैं।

यह भी पढ़ेंः क्लर्क के घर मिले 2 करोड़ 66 लाख कैश, मंगवानी पड़ी नोट गिनने की मशीन

इन बैंकों को लगाया चूना

बताया जाता है कि इस कंपनी ने देश के पांच बड़े बैंकों को चूना लगाया है। इनमें बैंक आफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, जम्मू एंड कश्मीर बैंक ओरिएंटल बैंक आफ कामर्स से क्रेडिट सुविधा ले रखी थी। जबकि समय पर पैसा का भुगतान नहीं किया गया। पर्याप्त मौका दिए जाने के बावजूद कंपनी के मालिकों ने रुचि नहीं दिखाई। इनके खातों को नॉन परफार्मिंग असेट्स के रूप में चिन्हित कर दिया गया था। सीबीआई की लंबे समय से चल रही जांच के बाद कंपनी की ओर से बड़े पैमाने पर नियम विरुद्ध रुपयों का ट्रांजेक्शन करना पाया गया। बताया जाता है कि कुछ ऐसी कंपनियों में भी पैसा ट्रांसफर कर दिया गया जो रुचि ग्रुप में सेवारत कर्मचारियों के नाम पर खड़ी कर दी गई थी। इस प्रकार कंपनी ने बैंकों को बड़े पैमाने पर चूना लगाया।

यह भी पढ़ेंः डिविजनल मैनेजर समेत चार लोगों को सीबीआई ने पकड़ा, दिल्ली की कंपनी से मांग रहे थे रिश्वत

यह भी पढ़ेंः तेल कंपनियों पर सीबीआई के छापे, 679 करोड़ की धोखाधड़ी उजागर