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पेट्रोल डीजल के लिए लोन दिलवा रही कांग्रेस, गोलवलकर और दीनदयाल के नाम पर शुरू की योजना

पेट्रोल डीजल के लिए लोन दिलवा रही कांग्रेस, गोलवलकर और दीनदयाल के नाम पर शुरू की योजना

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इंदौर .पेट्रोल-डीजल मूल्य वृद्धि के विरोध में आज सुबह कांग्रेसियों ने रीगल तिराहे पर अनूठा प्रदर्शन किया। इस दौरान जनता से पेट्रोल-डीजल खरीदने के लिए लोन लेने के लिए फॉर्म भरवाए गए, जो भाजपा और संघ के नेताओं के नाम से थे। शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद टंडन, प्रवक्ता अनूप शुक्ला, विवेक खंडेलवाल और गिरीश जोशी की मौजूदगी में यह प्रदर्शन हुआ।

इस दौरान कांग्रेसियों ने संघ के गुरु गोलवलकर, वीर सावरकर और पंडित दिनदयाल उपाध्याय के नाम पर लोन फॉर्म रखने के साथ जनता से भरवाए। साथ ही उन्हें बताया कि लगातार कीमत बढऩे से आगे चलकर लोन लेकर ही पेट्रोल-डीजल भरवाना पड़ेगा।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनकी पत्नी जसोदा बेन, भाजपा नेता श्यामा प्रसाद मुखर्जी और सुषमा स्वाराज सहित अन्य नेताओं का मुखटा लगाए खड़े थे। कांग्रसियों के अनुसार लोन के लिए जितने भी फॉर्म भरे जाएंगे, उन्हें भाजपा और संघ कार्यालय भेजा जाएगा।

मालूम हो कि पेट्रोल-डीजल के दाम अब तक के सर्वाधिक स्तर पर पहुंच गए हैं। इससे आम जनता की जेब पर डाका पड़ रहा है। पेट्रोल 82.87 रुपए और डीजल 72.4 रुपए लीटर हो गया है। इसके विरोध में कांग्रेस ने मैदान पकड़ रखा है और मूल्य वृद्धि के खिलाफ धरना-प्रदर्शन, आंदोलन कर रही है। साथ ही जनता को बता रही कि कांग्रेस सरकार के सयम पेट्रोल-डीजल के क्या दाम थे और अब भाजपा सरकार में क्या दाम हो गए।

किसान आंदोलन को भड़का सकती है कांग्रेस, सरकार ने भी बनाई बड़ी रणनीति
भारतीय किसान यूनियन और राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ ने 1 जून से आंदोलन की घोषणा कर दी है। सरकार को अंदेशा है कि पर्दे के पीछे रहकर कांग्रेस आंदोलन उग्र बनाने की कोशिश करेगी। प्रशासनिक महकमे को सतर्क कर दिया गया है, जिसके चलते अफसरों का आज से बैठकों का दौर शुरू होने जा रहा है।

कहते हैं दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंक कर पीता है। ठीक वैसे ही हाल सरकार के हो रहे हैं। एक बार फिर किसान आंदोलन की घोषणा हो गई है। ये घोषणा भारतीय किसान यूनियन और राष्ट्रीय किसान मंजदूर संघ ने की है, जबकि पिछले साल आंदोलन करने वाली किसान सेना खामौश है। ये आंदोलन कर्ज माफी की मांग को आगे रखकर किया जा रहा है।

जब तक सीएम कर्ज माफी और फसलों का लाभकारी मूल्य दिलाने की घोषणा नहीं करते तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन शांतिपूर्वक होगा। न तो रैली निकालेंगे न ही धरना प्रदर्शन देंगे। किसान घर बैठकर आराम करेंगे। जिसे दूध, सब्जी, फल-फूल या अनाज चाहिए वो गांव आकर ले जा सकेगा। किसान दाम खुद तय करेंगे और कोई भी सामान सस्ता नहीं बेचा जाएगा।

दोनों संगठन भले ही शांतिपूर्वक आंदोलन होने की बात कर रहे हैं, लेकिन सरकार को उपद्रव का अंदेशा है। विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस पर्दे के पीछे रहकर आंदोलन को चलाने का प्रयास करेगी। पिछली बार भी ऐसा ही हुआ था। इंदौर में पूरा आंदोलन राऊ विधायक जीतू पटवारी के इर्द-गिर्द घूम रहा था। उनके समर्थकों ने ही मंडी में तोडफ़ोड़ की तो गाडिय़ों में आगजनी की घटना की।

इसको लेकर राजेंद्र नगर पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया था। आंदोलन को लेकर इस बार जिला प्रशासन अभी से सतर्क हो गया है। आज एडीएम अजय देव शर्मा व एसडीएम बिहारी सिंह ने चोइथराम सब्जी मंडी में किसान, व्यापारी व अन्य लोगों की बैठक बुलाई है। वे किसानों से सभी से अपील कर समझाइश देंगे कि आंदोलन को शांतिपूर्वक किया जाए। हरकत करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई भी करेगी।