मानवता को शर्मसार करता सिस्टम : अस्पताल से मुक्तिधाम की दूरी मात्र 2 कि.मी, 3 हजार वसूल रहे शव वाहन

इंदौर के एमवाय अस्पताल से मात्र दो कि.मी की दूरी पर स्थित जूनी इंदौर मुक्तिधाम तक कोरोना शवों को ले जाने के लिए शांति वाहनों द्वारा 3 हजार रुपये वसूले जा रहे हैं।

By: Faiz

Updated: 14 Apr 2021, 07:52 AM IST

इंदौर/ अचानक से सर पर आन पड़ी इस वैश्विक महामारी से जूझने के बाद कोरोना पीड़ित व्यक्ति को मरने के बाद भी सिस्टम द्वारा नौचे जाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जा रही। अपनी जैबें गर्म करने वाले वाले इस बात की भी परवाह नहीं कर रहे कि, मरने वाला अमीर था या गरीब मानों बस जैसा मुर्गा फंस जाए बस उसे हजम करना है। मामले के तूल पकड़ने के बाद पत्रिका द्वारा की गई पड़ताल में ये बात सिद्ध हुई कि, इंदौर में जहां कोरोना से मरने वालों की संख्या बेकाबू हो चली है, लोगों को अपने संबंधी के शव मुक्तिधाम तक ले जाने के लिये वाहन तक नहीं मिल पा रहे हैं। मौके की इस कशमकश का फायदा उठाने में जुटे हैं, शवों को मुक्तिधाम पहुंचाने वाले शांति वाहन।

 

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1500 रुपये प्ति कि.मी के हिसाब से वसूला जा रहा शुल्क

पड़ताल में सामने आया कि, इंदौर के एमवाय अस्पताल से मात्र दो कि.मी की दूरी पर स्थित जूनी इंदौर मुक्तिधाम तक कोरोना शवों को ले जाने के लिए शांति वाहनों द्वारा 3 हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। इस हिसाब से अंदाजा लगाया जाए, तो पीड़ित परिवार से 1500 रुपये प्रति कि.मी की दर से वसूले जा रहे हैं। इस दौरान इस बात का भी ख्याल नहीं किया जा रहा कि, मृतक का परिवार इस रकम को देने में सक्षम भी है या नहीं। यानी रेट तय है, मर्जी हो तो ठीक वरना को अन्य संसाधन तलाश लें, वैसे भी हमारे पास समय नहीं।


अस्पताल से मुक्तिधाम का शुल्क 250 निर्धारित

आपको बता दें कि, इस संबंध में तत्कालीन कलेक्टर पी नरहरि द्वारा शहर में शव ले जाने का शुल्क अधिकतम 300 रुपये निर्धारित किया था। वहीं एमवाय अस्पताल से मुक्तिधाम या कब्रिस्तान की ओर शांति वाहन के जरिये शव ले जाने का ठेका अख्तर लाला नामक व्यक्ति को मिला हुआ है। इधर अस्पताल अधीक्षक डॉ. पी.एस ठाकुर का कहना है कि, शवों को अस्पताल से मुक्तिधाम तक छोड़ने का 250 रुपए शुल्क निर्धारित है। लेकिन, अगर किसी तरह की अवैध वसूली हो रही है, तो उन्हें इस संबंध में जानकारी नहीं है।

 

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परिजन कहते हैं- शुल्क तो बहुत ज्यादा है, तो जवाब मिलता है, कोरोना मरीज के लिये यही रेट है

राजेन्द्र परिहार अपने मृतक को इटारसी ले जाना चाहते थे। उन्होंने इस संबंध में एंबुलेंस संचालक से बात की, तो उसने उनके तय मुकाम तक पहुंचाने के लिये 13 हजार रुपए की मांग की। इसपर राजेन्द्र ने कहा कि, उसके पास इतने पैसे तो नहीं है, हम यहीं अंतिम संस्कार करा लेते हैं। इसपर एंबुलेंस संचालक ने कहा कि, 'चाहो शहर में जूनी इंदौर मुक्तिधाम है वहां अंतिम संस्कार करा लो। इसपर राजेन्द्र ने सेहमति जताते हुए वहां तक जाने का शुल्क पूछा, तो एंबुलेंस चालक ने 3 हजार रुपये बताए। राजेन्द्र के मुताबिक, उसने गूगल मेप पर मुक्तिधाम की लोकेशन जानी, तो वो करीब 2 कि.मी थी। उसने कहा कि, रेट बहुत ज्यादा है, तो एंबुलेंस चालक ने इसपर जवाब दिया कि, शव से को हाथ भी नहीं लगाएगा।

 

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