
इंदौर. अनलॉक के बाद अब पढ़ाई और काम के सिलसिले में विदेश जाने वालों के सामने एक और बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। अब तक सिर्फ आठ ही देशों ने कोवैक्सीन को मंजूरी दी है जबकि शहर में 18 से 44 आयुवर्ग बालों में से ज्यादातर को ये ही वैक्सीन लगी। कोविशील्ड लगाने वालों के सामने समयावधि बढ़ने की दिक्कत है। ज्यादातर अब दूसरे डोज का इंतजार कर रहे है। पिछले साल कोरोना संक्रमण फैलने के बाद विदेशों में रहने वाले भारतीयों में से कई वतन लौट आए है। इनमें काम-काजी लोगों के साथ विदेश में पढ़ रहे विद्यार्थी भी शामिल है।
कोरोना की रोकथाम के लिए देश में अभी कोवैक्सीन और कोवीशील्ड दो तरह की वैक्सीन लगाई जा रही है। 1 मई से ही 18 से 44 साल बालों को वैक्सीन लगना शुरू हुई। इंदौर में इस आयुवर्ग के ज्यादातर लोगों को कोवैक्सीन का पहला डोज लगा। मगर, कोवैक्सिन अभी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की आपातकालीन उपयोग सूची (EUL) में शामिल नहीं है। कोवैक्सीन लगवाने वालों को अब ये चिंता सता रही है कि उन्हें विदेश जाने की अनुमति मिलेगी या नहीं?
इधर, कोविशील्ड का पहला डोज लगाने वाले ये जानने में लगे हैं कि क्या भारत में पहला डोज लगवाने के बाद दूसरा डोज विदेश में लग सकेगा। दोनों डोज के बीच 84 दिनों का अंतराल रखा गया है। कैरियर काउंसलर कमल हिरानी ने बताया कि विदेशी यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले विद्यार्थी वैक्सीन को लेकर काफी परेशान हैं। ज्यादातर छात्र अभी कोई वैक्सीन लगवाने की जगह स्पूतनिक के आने का इंतजार कर रहे है।
यूएस में मान्यता पर बना है संसय
न्यूयॉर्क में आईटी कंपनी में जॉब कर रहे संदीप कुंड फरवरी में ही तीन महीने की छुट्टी लेकर आए थे। कोरोना के बीच वे वर्क फ्रॉम होम करते रहे। संदीप ने बताया कि वैक्सीनेशन शुरू होने पर मैंने कोवैक्सीन का पहला डोज लगवा लिया। अब बता रहे हैं कि कोवैक्सीन को भारत के साथ सिर्फ ईरान, फिलीपींस, मॉरीशस, मैक्सिको, नेपाल, गुयाना, पराग्वे और जिम्बाब्वे में ही मान्यता मिली है। समझ नहीं आ रहा कि कोवैक्सीन यूएस में मान्य होगा या नहीं।
Must see: MP में कोरोना के ताजा आंकड़े
परिवार के साथ कनाडा शिफ्ट होने की तैयारी कर चुके अमृत सिंह ने अभी तक कोई भी वैक्सीन नहीं लगवाया। उनका कहना है किकनाडा में अभी कोवैक्सीन को मान्यता नहीं है। फिलहाल हम स्पूतनिक का इंतजार कर रहे हैं। अगर ये नहीं लगेगी तो कोविशील्ड लगवाएंगे क्योंकि इसे वहां स्वीकृति मिली है। इस तरह से अभी विदेश जाने वाले कई लोग इंतजार कर रहे हैं और संशय में हैं। हालांकि सरकार भी इसका हल निकालने का प्रयास कर रही है।
Published on:
08 Jun 2021 08:13 am
बड़ी खबरें
View Allइंदौर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
