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टोल टैक्स पर लगे रोक, कोर्ट ने केंद्र और प्रदेश सरकार से मांगा जवाब

टोल टैक्स वसूलने पर रोक लगाई जाए

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टोल टैक्स वसूलने पर रोक लगाई जाए

इंदौर। केंद्र और राज्य सरकारें नई व अच्छी सड़कों के नाम पर टोल टैक्स तो खूब वसूलती हैं पर तय सुविधाएं देती नहीं हैं. कुछ ऐसा ही हाल इंदौर-देवास बायपास का है जहां भारी भरकम टैक्स देने के बावजूद आम आदमी बदहाल और गड्ढों से भरी सड़क से गुजरने को मजबूर है. सड़क की बदहाली पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, इंदौर-देवास टोलवे लिमिटेड, प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार से हाई कोर्ट ने जवाब भी मांगा है. इस मामले में कोर्ट से टोल टैक्स पर रोक की मांग की गई है. हाई कोर्ट में चल रही जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होगी.

दरअसल बायपास की बदहाली पर मातृ फाउंडेशन ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है. याचिका में कहा है कि बायपास बीओटी प्रोजेक्ट के तहत हैदराबाद की कंपनी गायत्री प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को दिया गया था. शर्तों के मुताबिक कंपनी को आम मुसाफिर के लिए स्ट्रीट लाइट, लैंड स्केपिंग, पौधारोपण, से लेकर ट्रक ले बाय, ट्रैफिक ऐड पोस्ट, पेडेस्ट्रियन सुविधा, सुविधाघर, चिकित्सकीय एड पोस्ट, बस बाय और बस खड़े रहने का स्थान आदि सुविधाएं उपलब्ध करानी थीं.

याचिका में यह भी कहा गया है कि कंपनी इनमें से कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं करवा रही है। बापयास पर गड्ढे ही गड्ढे हैं. बायपास के अंडरपास में पानी भरा रहता है जिससे हमेशा दुर्घटना की आशंका रहती है. कंपनी बायपास का इस्तेमाल करने वालों से टैक्स के रूप में खासी रकम वसूल रही है, लेकिन यात्रियों को जरूरी सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं करवा रही.

याचिकाकर्ता ने बायपास की वास्तविकता पता लगाने के लिए समिति बनाए जाने की मांग की है. याचिका में यह मांग भी की गई थी कि जब तक याचिका का अंतिम निराकरण नहीं हो जाता, तब तक टोल टैक्स वसूलने पर रोक लगाई जाए. हालांकि कोर्ट ने इस संबंध में अब तक कोई आदेश नहीं दिया है लेकिन मामले में कोर्ट ने सभी संबंधितों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. सभी पक्षकार जवाब देने के लिए दो बार समय मांग चुके हैं.

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