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मंदसौर गोली कांड में एसआईटी की मांग

निर्दोष किसानों की मौत के मामले की जांच खुद पुलिस कर रही है, हत्या ही पुलिस द्वारा की गई तो निष्पक्ष जांच कैसे हो सकती है।

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MP KISAN ANDOLAN  S I T

मंदसौर गोली कांड को लेकर कर दिया है आयोग का गठन, हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिका पर शासन के जवाब पर तीन दिन में पेश होगा प्रति उत्तर, ३० अक्टूबर को अगली सुनवाई

इंदौर.
अपनी उपज का सही दाम नहीं मिलने से नाराज किसानों में १ से १५ जून के बीच प्रदेश के अलग-अलग हिस्से में आंदोलन किया था। मंदसौर में आंदोलन के दौरान उपद्रव होने पर पुलिस ने फायरिंग की थी जिसमें ६ किसानों की मौत हो गई। निहत्थे किसानों पर गोली मारने को लेकर हाई कोर्ट में दायर दो अलग-अलग जनहित याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई हुई। कोर्ट के समक्ष सरकार द्वारा पेश किए जवाब पर प्रति उत्तर पेश किया जाना था लेकिन कोर्ट ने ३० अक्टूबर को अगली सुनवाई के आदेश दिए हैं, हालांकि तीन दिन के भीतर प्रतिउत्तर पेश कर दिया जाएगा। निर्दोष किसानों की मौत के मामले की जांच खुद पुलिस कर रही है, जब हत्या ही पुलिस द्वारा की गई है तो ऐस में निष्पक्ष जांच कैसे हो सकती है। हमारी मांग है कि इस मामले में एक एसआईटी का गठन किया जाए और उससे जांच कराई जाए। भोपाल के सामाजिक कार्यकर्ता कमलेश पाटीदार द्वारा एडवोकेट अजय बागडिय़ा के माध्यम से यह याचिका दायर की गई।


याचिकाकर्ता का कहना है मंदसौर में किसान प्रदर्शन कर रहे थेे उनका प्रदर्शन रोकने के लिए निहत्थे लोगों पर पुलिस द्वारा गोली चलाई गई। कई लोगो घायल हुए और ६ की मौत हुई। पुलिस की गोली से ही उनकी मौत हुई थी यह बात खुद पुलिस के आला अफसरों ने स्वीकार की है तो फिर उन लोगों के खिलाफ करीब तीन महीने बीतने के बाद भी एफआईआर नहीं की गई है।

सरकार ने कहा हमने किया जांच आयोग का गठन
याचिकाओं पर सरकार का कहना है मंदसौर में हुई घटना के बाद कुल ३९८ प्रकरण दर्ज किए गए थे, इनमें ३५०० लोगों को आरोपी बनाया गया है। मंदसौर सहित प्रदेश में अन्य स्थानों पर हुए उपद्रव को लेकर हाई कोर्ट के रिटायर जस्टिस की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग का गठन किया गया है, जिसे भी इस मुद्दे पर शिकायत करना है वह आयोग में अपना पक्ष रख सकता है। याचिकाकर्ताओं ने इस जवाब पर तीन दिन में प्रतिउत्तर पेश करेंगे।