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इंदौर. शहर में इन दिनों नगर निगम (municipal Corporation) कई मार्ग पर बीच रोड पर नए डिवाइडर (Divider) बनाने में जुटा है। शहर की सडक़ें सुंदर लगे इसलिए बीच में दो आरसीसी वॉल खड़ी कर उसके बीच मिट्टी भरकर पौधरोपण किया जा रहा है। कई स्थान पर तो रोजाना इन डिवाइडर के बीच निगमकर्मी पौधों को पानी देने पहुंचते हैं। लेकिन नए डिवाइडर बनाते वक्त एक छोटी-सी गलती भविष्य में जनता के लिए भारी पड़ सकती है। एेसा इसलिए कि इन डिवाइडर के बीच मिट्टी भरकर पौधरोपण तो कर दिया गया, लेकिन उसके बीच आने वाले सेंट्रल लाइट पोल की सुरक्षा को नजरअंदाज कर दिया गया। मिट्टी में कई फीट गढ़े बिजली पोल अंदर ही अंदर सडऩे लगे हैं। एक्सपर्ट की माने तो यदि इस तरह से चलता रहा तो आने वाले दिनों में पोल खुद-ब-खुद रोड पर गिरकर दुर्घटना की वजह बनने लगेंगे। यदि निगम इस ओर ध्यान दें तो कुछ ही उपाय से इन पोल की लाइफ और मजबूती बढ़ाई जा सकती है।
फिर नंबर वन की तैयारी : रंग-रोगन शुरू
इन दिनों शहर को छठीं बार स्वच्छता में नंबर बनाने की कवायद शुरू हो गई है। निगम इन दिनों शहर के सभी डिवाइडर पर रंग-रोगन का कार्य कर रहा है। डिवाइडर के बीच स्थित सेंट्रल लाइट पोल पर कलर होने लगे है। पत्रिका ने एमजी रोड स्थित डिवाइडर को स्कैन किया है। डिवाइडर के बीच कई पोल एेसे हैं, जो कई फीट गहरी मिट्टी में खड़े हैं। समय पर निगमकर्मी डिवाइडर के बीच लगे पौधों पर पानी देते हैं। लेकिन यहीं पानी और नमी अब क्यारी में लगे पोल को भीतर से नुकसान पहुंचाने लगा है। रंग-रोगन का कार्य भी मिट्टी की ऊपरी सतह तक दिखने वाले पोल पर हुआ है। लेकिन पोल को मिट़्टी के अंदर किस तरह सुरक्षित रखा जाए, इस ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा। शहर में बिजली कंपनी द्वारा लगाए गए पोल आज भी मजबूत है। क्योंकि उन्हें जमींन में गाडऩे के पूर्व डामर का लेप लगाया गया था। उक्त लेप से लोहे का पोल सडऩे से बच जाता है। इस वजह से बिजली के पोल लंबे समय तक मजबूत बने रहते हैं। वहीं, रोड के मध्य आरसीसी डिवाइडर के बीच पौधारोपण जारी है। इन डिवाइडर के बीच स्ट्रीट लाइट पोल भी मौजूद हैं। ये पोल अंदर से खोखले हैं। पहले की तुलना में ये पतले भी हैं। यदि ज्यादा समय ये पोल मिट्टी और पानी के संपर्क में रहे तो ये सडऩे लगेंगे। ये कभी भी शहर के लिए दुर्घटना का कारण बन सकते है।
‘इस तरह पोल को कर सकते हैं सुरक्षित’
इंजीनियर अतुल सेठ ने बताया, दो आरसीसी डिवाइडर के बीच आने वाले पोल को सुरक्षित रखने के लिए छोटा उपाय कर सकते है। पोल के आसपास की सभी मिट्टी को बाहर निकाला जाए। क्यारी की मिट्टी और पानी पोल के संपर्क में न आए इसलिए दो रिटेनिंग वॉल उसके आसपास बनाई जाई। उसके नीचे व्हीप हॉल बनाया जाए। ताकि उक्त चैंबर में यदि पानी आ भी जाए तो वह तत्काल बाहर निकल जाए। इस तरह शहरभर के बिजली पोल को सुरखित रखा जा सकता है।
तीन बार कर चुके पत्र व्यवहार
सेंट्रल लाइट पोल पूर्व के है। ये डिवाइडर बाद में बने हैं। पोल की सुरक्षा के लिए सिटी इंजीनियर उद्यान को लेटर भेजा है। इसमें बताया गया है कि पोल के दोनों तरफ वॉल बनाकर उक्त स्थान को खाली रखा जाए। वहीं, पानी निकलने के लिए नीचे हॉल बनाया जाए। यह काम दो तीन रोड पर हो चुका है। जब डिवाइडर बन रहे थे, तब पोल की सुरक्षा को लेकर यह बात बताई गई थी। लेकिन डिवाइडर बनाने वालों के एस्टीमेट में यह कार्य शामिल नहीं था। छह माह में इस संबंध में तीन बार पत्र व्यवहार कर चुके है।
- राकेश अखंड, कार्यपालन यंत्री विद्युत, विभाग नगर निगम
Updated on:
17 Feb 2022 07:24 pm
Published on:
17 Feb 2022 07:23 pm
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