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22 दिन डेंगू से संघर्ष के बाद डॉ. बाजपेयी ने तोड़ा दम

शहर के वरिष्ठ शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. ओपी बाजपेयी का 22 दिनों तक डेंगू से संघर्ष के बाद मंगलवार को निधन हो गया ...
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इंदौर

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Arjun Richhariya

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Updated: 15 Nov 2017, 10:59 AM IST

indore news

इंदौर. शहर के वरिष्ठ शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. ओपी बाजपेयी का २२ दिनों तक डेंगू से संघर्ष के बाद मंगलवार को निधन हो गया। वायरल से तीन महीने में डॉक्टर की मौत का यह तीसरा मामला है। आईएमए के सदस्यों ने बीमारियों की रोकथाम के सरकारी प्रयासों पर सवाल खड़े किए हैं।

आईएमए के सवाल
यदि चिकित्सक वायरस से नहीं बच पाए,तो आम जनता की क्या बिसात?
जिम्मेदार वायरस से निपटने की योजना बनाते नहीं दिख रहे।
टीमें सड़क पर नहीं दिख रहीं।
कम तापमान पर स्वाइन फ्लू जैसे वायरस फलते-फूलते हैं।
स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम प्रशासन सचेत हो जाए, अन्यथा स्वच्छ इंदौर को अस्वस्थ इंदौर में बदलने में समय नहीं लगेगा।

हमदर्द बनकर बांटे कंबल
एमवाय अस्पताल के बाहर अकसर कई बेसहाराओं को ठंड में ठिठुरते हैं, लेकिन शायद ही कभी इन्हें किसी ने कंबल ओढ़ाया होगा। पत्रिका के 'हमदर्दÓ अभियान से जुड़कर यह नेक पहल की इंदौर के अहिल्या ग्रुप ने। उन्होंने साबित कर दिया कि किसी का दर्द बांटने से जो सुकून मिलता है, वह शायद ही किसी चीज से मिलता होगा।

पत्रिका के अभियान से जुड़कर आप भी बेसहाराओं की मदद कर इनकी दुआएं पा सकते हैं। शहर के कई लोग अकसर इन बेसहाराओं को कंबल और गर्म कपड़े बांटकर ठंड से बचाने की कोशिश करते हैं। कई लोग अन्नदान करते हैं तो कोई अन्य जरूरी सामान देकर राहत पहुंचाता है। इसमें हमारे साथ शहर की सामाजिक संस्थाएं जुड़कर लोगों की हमदर्द बन रही हैं। इन सभी ने पत्रिका के अभियान को सराहा है। मंगलवार को इंदौर अहिल्या ग्रुप की पूर्व प्रेसीडेंट रश्मि गुप्ता, प्रेसीडेंट रश्मि शुक्ला, सुनीता सक्सेना, आशा गावा, मणि जोशी और प्रभा सक्सेना ने एमवाय अस्पताल के बाहर बैठे कई बेसहाराओं को गरम कंबल बांटकर ठंड से बचाया।

संस्थाओं को करेंगे जागरूक : रश्मि गुप्ता ने कहा, मैं बहुत सी सामाजिक संस्थाओं से जुड़ी हंू। सभी को अपनी ओर से पत्रिका के हमदर्द अभियान से जोड़कर बेसहारा लोगों को गर्म कंबल बांटने के लिए जागरूक कंरूगी।

अब तक तो हम केवल बस्तियों में जाकर ही पुराने व नए कपड़े, कंबल और कई जरूरत के सामान और अन्न भी देते थे, लेकिन पत्रिका हमदर्द अभियान ने सड़क किनारे सोने वाले बेसहाराओं की मदद के लिए भी जागरूक किया है। इसके लिए हम तहे दिल से पत्रिका को धन्यवाद देते हैं।

नए कंबल भी बांटेंगे
थेलेसीमिया एंड चाइल्ड वेलफेयर ग्रुप की अध्यक्ष डॉ. रजनी भंडारी भी पत्रिका हमदर्द अभियान से जुडऩे को तैयार हो गई हैं। वे कहती हैं, हमेशा की तरह पत्रिका का पहलू सामाजिक सरोकार है। इससे हर कोई जुडऩा चाहेगा। मैं अपनी संस्था के लोगों को वॉट्सअप के जरिए जोड़कर कुछ गर्म कपड़े और कंबल सहित अन्य जरूरत का सामान इक_ा कर बेसहाराओं को बांटूंगी। संस्था के जरिए नए गर्म कपड़े व कंबल बांटे जाएंगे।