
चोरी पकडऩे का मास्टर है डीएसपी एलिस तो अंंधे कत्ल को मिनटों में सुलझाते है ममाइकल, मिकी, रीटा और मैक
इंदौर। इंदौर पुलिस के डॉग स्क्वॉड में है पांच डीएसपी डॉग की स्पेशलिस्ट टीम। कहीं बम की सूचना हो तो डीएसपी एलिस तुरंत पहुंचकर छानबीन शुरू कर देता हैै। सूने घर में चोरी हो या फिर अंंधाकत्ल, माइकल, मिकी, रीटा और मैक की टीम में से कोई न कोई पहुंचकर सुराग लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
पुलिस के डॉग स्क्वॉड में सबसे वरिष्ठ है एलिस (11) । 10 साल से वह पुलिस टीम में है, संदिग्ध वस्तु व बस ढूंंढऩे में मास्टर है। ट्रेनर राजकुमारसिंह तोमर के निर्देशन में बखूबी काम करता है। कुछ समय पहले सुपर कॉरिडोर पर सीएम की सभा थी। अफसरों को गोपनीय रूप से बम की सूचना मिली तो सभी की नींद उड़ गई। चारों तरफ घेराबंदी। एलिस को बुलाया तो उसने पूरा छान लिया और बम नहीं होने की क्लीन चिट ट्रेनर के जरिए दी तो सभी ने राहत की सांस ली।
ऐसे ही चोरी के मामले में माइकल भी एक्सपर्ट है। बेटमा गुरुद्वारे में चोरी हुई तो माइकल को लेकर ट्रेनर रामजीवन मीणा पहुंचे। एक किलोमीटर तक माइकल (5) को लेकर ट्रेनर गए, पुलिस को लगा कि प्रयास बेकार है लेकिन आखिरकार माइकल ने तिजोरी व अन्य सामान बरामद करवा दिया। डॉग स्क्वॉड में मिकी (6), मैक (6) व रीटा (7) है जिनके ट्रेनर क्रमश: जितेंद्रसिंह, निलेश व रामकिशन है।
सिपाही की तरह होती 9 महीने की ट्रेनिंग, कहलाते डीएसपी
डॉग स्क्वॉड में शामिल डॉग की बकायदा भोपाल, भदभदा स्थित सेंटर में 9 महीने तक सिपाही की तरह ट्रेनिंग होती है। अधिकारिक रूप से कोई पद नहीं है लेकिन विभाग में कहां इन्हें डीएसपी जाता है। हर डॉग का एक ट्रेनर होता है, खाने व स्वास्थ का पूरी तरह ध्यान रखा जाता है।
Published on:
26 Aug 2021 05:32 pm
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