3 मार्च 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

46 किमी की रफ्तार से चली धूलभरी आंधी, तेज बारिश से गल गई रोहिणी

दिन का तापमान सीजन में दूसरी बार 43 पार, दक्षिणी हवाओं की नमी से बने बादल

2 min read
Google source verification

इंदौर

image

Hussain Ali

Jun 03, 2019

rohini

46 किमी की रफ्तार से चली धूलभरी आंधी, तेज बारिश से गल गई रोहिणी

इंदौर. दिन में तेज तपन के साथ पारा इस सीजन में दूसरी बार 43 पार हो गया। दोपहर में तेज गर्मी और उमस के बाद शाम को अचानक 46 किमी की गति से चली आंधी और चक्रवाती हवाओं ने मौसम बदल दिया। 6 बजे बाद पूरे शहर में दक्षिणी हवाओं की नमी से बने बादल गरज-चमक के साथ बरस गए। अनेक स्थानों पर तेज बारिश हुई। एयरपोर्ट स्थित मौसम केंद्र पर 1.8 मिमी रिकॉर्ड भी की गई। बारिश का लोगों ने आनंद लिया। रविवार को नौतपा का आखिरी दिन था। मान्यताओं के अनुसार बारिश होने से इस बार भी रोहिणी या नौतपा गल गया। न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री रहा।

यह भी पढ़ें : नदी की सफाई को देखने साइकिल से आगे-आगे चले मंत्री और पीछे बाइक पर आए अफसर

अभी मानसूनी सिस्टम नहीं

मौसम विभाग का कहना है, अभी मानसूनी सिस्टम नहीं है। यह तो तेज तपन के कारण स्थानीय बारिश थी। यह समय प्री-मानूसन गतिविधियों का है। दूसरी ओर करीब 15 से 25 मिनट तक हुई बूंदाबांदी और हवाओं ने शहरी जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। अनेक क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई। धूलभरी आंधी से लोग परेशान भी हुए। बारिश ने गर्मी की तपन से राहत पाने निकले लोगों की मुश्किल कर दी।

पेड़ और शेड का लेना पड़ा सहारा

कुछ स्थानों पर पेड़ व शेड का सहारा लेना पड़ा। हवाओं का रुख भी घूमता रहा। सुबह हवाएं कुछ समय के दक्षिणी रहने के कारण नमी आने से आद्र्रता बढ़ गई। इसके बाद आधे दिन उत्तर-पश्चिमी चलती रही। शाम को कुछ समय के लिए दक्षिण-पश्चिमी हो गई। तापमान अधिक होने और नमी से शहर के आसपास बने बादल हवाओं का रुख बदलते ही बरस गए।

यह भी पढ़ें : दोस्त को लगाया फोन, बोला- मैं दे रहा हूं जान और पहुंच गया रेलवे पटरी

शुरुआत ठंडी, आखिरी दिनों में तपा मई

मई की शुरुआत ठंडी रही। अधिकतर समय पारा सामान्य या इससे नीचे बना रहा। नौतपा लगने के बाद सामान्य से अधिक हुआ। इस मौसम में अप्रैल में तपन अच्छी रही, 28 अप्रैल को पारा 43 पार हो गया था। अधिक रहने का रिकॉर्ड भी बनाया। इसके बाद मई में अपेक्षाकृत कमरहा। दो-तीन बार प्री-मानसून गतिविधियों के चलते सामान्य से भी नीचे चला गया।