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Breaking : बिजली कटौती पर बैठक ले रहे थे कांग्रेस के मंत्री और गुल हो गई बिजली, टॉर्च की रोशनी में लगाई फटकार

मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद बिजली कटौती को लेकर हाहाकार मचा हुआ है।

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Breaking : बिजली कटौती पर बैठक ले रहे थे कांग्रेस के मंत्री और गुल हो गई बिजली, टॉर्च की रोशनी में लगाई फटकार

इंदौर. मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद बिजली कटौती को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। भाजपा कांग्रेस सरकार पर तरह-तरह के आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर रही हैं तो दूसरी ओर कांग्रेस के मंत्री इस समस्या की जड़ को ढूंढऩे के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। अघोषित बिजली कटौती को लेकर स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने गुरुवार दोपहर को अपने बंग्ले पर बैठक बुलवाई। बैठक में बिजली कंपनी के एमडी विकास नरवाल, चीफ इंजीनियर संजय मुहासे, अधीक्षण यंत्री अशोक शर्मा, कामेश श्रीवास्तव सहित सभी कार्यपालन यंत्री मौजूद थे। बैठक शुरू हुई ही थी कि अचानक बिजली चली गई। ऐसे में अंधेरा हो गया और गर्मी में सभी परेशान होने लगे।

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बैठक में ही बिजली जाने से मंत्री का गुस्सा और बढ़ गया। मोबाइल टॉर्च की रोशनी में उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में ही ऐसा क्यों हो रहा है। जब भाजपा सरकार में थी तो बार-बार बिजली नहीं जाती थी जबकि इस समय बिजली का ऐसा कोई लोड भी नहीं बढ़ा है। प्रदेश में बिजली भी सरप्लस है। इस पर अधिकारियों का कहना था कि कांग्रेस के आने के बाद लोगों की अपेक्षाएं बढ़ गई है। हालांकि बैठक में 10 मिनट बाद बिजली आ गई थी। सिलावट का बंगला रेसीडेंसी एरिया में वीआईपी क्षेत्र में आता है।

घटिया काम करने वालों पर करों कारवाई

मंत्री तुलसी सिलावट ने अफसरों को निर्देशित करते हुए कहा कि एमवाय अस्पताल में बिजली को लेकर कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। अगर बिजली गई तो एक घंटे में कैसे भी सप्लाय शुरू हो जाए। आगे से इस बात का ध्यान रखा जाए। बिजली की समस्या दूर करने के लिए एक इलेक्ट्रिक इंजीनियर तैनात करें। जिले के हर अस्पताल में सप्लाय का दूसरा विकल्प हो। इंदौर की प्रतिक्रिया पूरे प्रदेश में जाती है, कंपनी इस बात का ध्यान रखें। जिले में सर्वे कर घटिया काम करने वालों पर जल्द कार्यवाई की जाए। पूरे क्षेत्र का अच्छे से सर्वे करें। सिलावट ने कहा कि पिछले साल के मुकाबले बिजली सप्लाय कमजोर है। सरकार की छवि खराब हो रही है, जबकि न तो क्षेत्र बदला न अधिकारी। बिजली को लेकर हाहाकार मचा हुआ है, जो 29 गांव जुड़े उन्हें भी शहर की तरह बिजली मिले। संबल योजना का लाभ भी बचे हुए हितग्राही को दिलवाएंगे।