
Corona ki third wave in Bhilwara : तीसरी लहर में संक्रमितों का आंकड़ा पहुंचा 2875
लवीन ओव्हाल/इंदौर. जिस हिसाब से कोरोना संक्रमण के आंकड़ों में रफ्तार नजर आ रही है, उसके अनुसार विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना का पीक चल रहा है, इस हिसाब से फरवरी के प्रथम सप्ताह से ही कोरोना संक्रमण की रफ्तार कमजोर पड़ जाएगी।
शहर में कोरोना संक्रमण की दर में पांच दिनों में बड़ी वृद्धि दर्ज हुई है। शहर के विशेषज्ञ डॉक्टर इस बढ़ोतरी को कोरोना संक्रमण दर का उच्चतम स्तर मान रहे हैं। 8 दिनों में 20.6 हजार से ज्यादा संक्रमित सामने आ चुके हैं। रविवार को संक्रमण दर 22 फीसदी तक पहुंच गई। वहीं पिछले 8 दिनों में औसत संक्रमण दर 22 प्रतिशत रही है।
नए वर्ष की शुरुआत के साथ ही शहर में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर ने दस्तक दे दी थी। एक जनवरी के बाद से रोजाना संक्रमित मरीज बढ़ते गए और अब स्थिति यह हो गई है कि आंकड़ा सर्वाधिक 3000 के अंक को पार कर चुका है। शुक्रवार और शनिवार को दो दिन में ही करीब साढ़े 6 हजार पॉजिटिव सामने आए हैं। सिर्फ शनिवार को 12,466 सैंपलों की जांच में 3,372 संक्रमित मरीज सामने आए।
इस दौरान संक्रमण दर अपने उच्चतम स्तर 27 प्रतिशत तक पहुंच गई है। संक्रमित मरीजों का अचानक बढ़ा यह आंकड़ा दर्शा रहा है कि तीसरी लहर अब अपने पीक पर आ चुकी हैं। किसी भी महामारी के ट्रेंड को देखते हुए यह संक्रमण दर का उच्चतम स्तर है। ऐसे में संक्रमण दर यदि 20 से बढ़कर 30 फीसदी के बीच रहती है तो उसके सामान्य होने में भी समय लग सकता है।
दूसरी लहर में 18.4 फीसदी तक पहुंची दर
मार्च से मई के बीच में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान सबसे अधिक संक्रमित मरीज 25 अप्रैल 2021 को आए थे। उस दौरान संक्रमण दर 18.41 प्रतिशत रही थी। इसके बाद संक्रमण दर में उतार आना शुरू हो गया था। ऐसे में तीसरी लहर में ज्यादा संक्रमित आने का अंदेशा पहले से ही था। लेकिन संक्रमण दर 20 से 30 प्रतिशत के बीच ही रहने की उम्मीद भी है। लगातार बढ़ रही संक्रमण दर पर ब्रेक कब लगेगा, इसे लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट मत नहीं है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि फरवरी से धीरे- धीरे उतार आना शुरू हो जाएगा।
संक्रमण हुआ तेज
पिछले 7 दिनों में संक्रमण दर में तेजी से इजाफा देखने को मिला है। किसी भी महामारी में उच्चतम स्तर का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है, लेकिन शहर में पिछले लहर की संक्रमण दर से मौजूदा संक्रमण दर की तुलना की जाए तो यह उससे काफी ज्यादा है।
-डॉ. सलिल भार्गव, विभागाध्यक्ष, पल्मोनरी मेडिसिन विभाग, एमजीएम मेडिकल कॉलेज
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संक्रमण का घातक असर नहीं
कोरोना संक्रमण की पहली व दूसरी लहर के मुकाबले इस बार ज्यादा संक्रमित सामने आने का अंदेशा पहले से ही था। लेकिन सुखद यह है कि इस बार संक्रमण का घातक असर देखने को नहीं मिल रहा है। आगामी कुछ दिनों में संक्रमण दर इससे आगे भी बढ़ सकती है। माह के अंत या फरवरी के शुरुआती सप्ताह में संक्रमण कम होने की उम्मीद है।
-डॉ. संजय दीक्षित, डीन, एमजीएम मेडिकल कॉलेज
Published on:
24 Jan 2022 11:54 am

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