बच्चों को अकसर खेल-कूद के दौरान चोट लग जाती है। ऐसे में घबराने के बजाए आप कुछ घरेलू उपायों से न केवल घाव का दर्द कम कर सकती हैं बल्कि उसे जल्दी भी ठीक कर सकती हैं।
यदि समय पर चोट का सही उपचार नहीं किया जाए तो घाव गंभीर रूप भी ले सकता है। हालांकि छोटी-मोटी खरोचों को शरीर स्वत: ही ठीक कर लेता है। परंतु फिर भी चोट लगने के तुरंत बाद उसकी गहराई का पता लगा लेना चाहिए। इससे आपको यह पता चलेगा कि घाव घर पर ही ठीक हो सकता है या फिर चिकित्सक से संपर्क करना जरूरी है। साथ ही इस बात का भी विशेष ध्यान रखें कि घाव कैसा भी हो, लेकिन टिटनेस का इंजेक्शन जरूर लगाना चाहिए। आइए यहां हम कुछ घरेलू उपायों के बारे में बात करते हैं।
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120 साल की उम्र सच-अचंभा और भूली-बिसरी यादेंमिल्क प्रोडक्ट भी है काम कायदि आप अपनी डाइट में डेयरी प्रोडक्ट जैसे मिल्क और पनीर को एड करते हैं तो चोट के घावों को जल्दी ठीक होने में मदद मिलती है। दरअसल मिल्क प्रोडक्ट में प्रोटीन और जिंक की मात्रा अच्छी होती है जो घाव भरने में असरदार भूमिका निभाते हैं।
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ये भील योद्धा था इंडियन रॉबिन हुड, अंग्रेजों को लूट मिटाता था गरीबों की भूख!स्वीट पटैटो में है एंटीऑक्सीडेंट्सशकरकंद में विटामिन ए, विटामिन बी और विटामिन सी की अच्छी मात्रा होने के साथ ही एंटीऑक्सीडेंट्स प्रोपर्टीज भी होती है। इस संबंध में हुई एक रिसर्च से सामने आया कि शकरकंद के एंटीऑक्सीडेंट घाव को तेजी से भरने में असरदार होते हैं।
विटामिन सीशरीर की बहुत-सी क्रियाओं के संचालन के लिए विटामिन सी महत्वपूर्ण होता है। इसके अलावा यह टिश्यूज का निर्माण कर घाव को भरने में भी असरदार होता है। साथ ही शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है। इसलिए अपनी डाइट में विटामिन सी वाले फूड जैसे आंवला, अमरूद, नींबू, ऑरेंज, स्ट्रोबेरी, पाइनऐपल, किवी, ब्रोकली, फूलगोभी, टमाटर, पालक, पत्तागोभी आदि को शामिल करें। इससे बीमारों से लडऩे की ताकत मिलेगी।
जरूरी है तरल पदार्थघाव को भरने में तरल पदार्थ भी महत्वपूर्ण होते हैं। लेकिन तरल पदार्थ से मतलब यह नहीं है कि आप कॉफी, एल्कोहल या कार्बोनेटेड ड्रिंक्स का सेवन करना शुरू कर दें बल्कि आपको पानी, फलों का जूस और हेल्दी सूप का सेवन ज्यादा करना चाहिए। इस तरह तरल पदार्थो के अवशोषण से घाव जल्दी भरते हैं।
घाव भरने में घी भी है असरदारआयुर्वेद में गाय के घी का इस्तेमाल घाव भरने के लिए किया जाता है। इस संबंध में इंटरनेशनल जर्नल ऑफ फार्मासूटिकल साइंस एंड रिसर्च में प्रकाशित शोध के अनुसार घी भाव के टिश्यूज का निर्माण कर घाव भरने की प्रक्रिया को तेज करता है। इसलिए चोट लगने पर आप उसके ऊपर देशी घी भी लगा सकते हैं।
हल्दीहल्दी को न केवल कुकिंग में ही काम लिया जाता है बल्कि यह चोट के घाव को भरने में भी असरदार होती है। हल्दी में करक्यूमिन नामक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो इंफ्लेशन को कम कर तेजी से घाव भरने का काम करता है। पुराने समय से ही लोग घावों को ठीक करने के लिए हेल्दी के पेस्ट का प्रयोग करते आ रहे हैं।
शहदशहद का उपयोग हम नैचुरल स्वीटनर के रूप में करते हैं। इसमें शुगर की तुलना में बहुत सारे विटामिन्स और एमीनो एसिड होते हैं। इसका उपयोग आप घाव को ठीक करने के लिए भी कर सकते हैं। इससे चोट वाली जगह पर आई सूजन और दर्द को कम किया जा सकता है। इसकी एंटीबैक्टीरियल प्रोपर्टीज इंफेक्शन से भी बचाती है।
यह भी पढ़ें:-300 साल पहले प्रकट हुए थे शनिदेव, अंधे पुजारी को दी थी आंखेंआयरनआयरन हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है। यह लाल रक्त कणिकाओं का निर्माण करता है। इसकी कमी से एनिमिया होने के साथ ही घाव भरने की प्रक्रिया भी धीमी हो जाती है। इसी वजह से चिकित्सक सर्जरी के बाद आयरन की गोलियां और फूड के सेवन की सलाह देते हैं। इसलिए हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें और अन्य आयरन फूड का सेवन ज्यादा करें।