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Fraud Alert: हरियाणा की गैंग ने बनाई पतंजलि योगपीठ की फर्जी वेबसाइट, एमपी में ठगी का मामला दर्ज

मां के इलाज के लिए व्यापारी ने गूगल से सर्च कर निकाले नंबर पर पतंजलि योगपीठ हरिद्वार से किया था संपर्क, जानें कैसे हो गई धोखाधड़ी, आप भी रहें अलर्ट

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हरियाणा की गैंग ने इस बार इंदौर के व्यापारी को ठगी का शिकार बनाया है। व्यापारी अपनी मां के इलाज के लिए पतंजलि योगपीठ हरिद्वार की ऑनलाइन बुकिंग करना चाहता था। इसके लिए व्यापारी ने गूगल पर सर्च कर पतंजलि की साइट पर संपर्क करना चाहा, हालांकि उस वक्त संपर्क नहीं हो सका। कुछ देर बाद ठग ने उससे संपर्क कर बुकिंग के नाम पर 85 हजार का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करवा लिया।

जानकारी के मुताबिक, शनिवार को क्राइम ब्रांच की साइबर अपराध शाखा में फरियादी यशवंत खंडेलवाल शिकायत लेकर पहुंचे थे। व्यापारी ने बताया, उनकी मां को गठिया की बीमारी है। उसके इलाज के लिए वह पतंजलि पीठ जाना चाहते थे। इसी को लेकर गूगल पर पतंजलि की वेबसाइट के कस्टमर केयर नंबर पर सर्च किया था।

ऐसे हुआ फ्रॉड

व्यापारी ने बताया, उन्होंने गूगल पर सर्च कर पतंजलि वेबसाइट पर संपर्क किया था। ठग ने पहले उनसे संपर्क कर कॉटेज बुक करने के लिए 5500 रुपए हर दिन की राशि के अनुसार मांगे और बताया कि 7 दिन का कोर्स लेना पड़ेगा, जिसके लिए 38 हजार 500 का पैकेज बुक करना पड़ता है।

ठग ने झांसे में लेकर 10% की छूट देने का बोलकर 34 हजार 500 खाते में जमा करवा लिए। उसके बाद दोबारा इलाज के लिए 12 दिन की बुकिंग कराने का कहते हुए 22 हजार रुपए खाते में जमा करवाए। इसके बाद उनका दोबारा फोन आया। ठग ने कहा, एमआरआइ, ब्लड, शुगर सभी जांच होगी। इसके लिए 15 दिन की बुकिंग करना पड़ेगी।

इसके बाद माता के इलाज के लिए 24 हजार 700 जमा करना पड़ेगे। थोड़ा- थोड़ाकर आरोपियों ने कुल 85 हजार रुपए जमा करवा लिए और फोन बंद कर लिया। धोखाधड़ी की शंका होने पर जब पतंजलि से बात की तो ठगी का खुलासा हुआ।

हरियाणा की गैंग का काम

एडिशनल डीसीपी क्राइम राजेश दंडोतिया ने बताया, फरियादी ने माता के गठिया का इलाज करने के लिए पतंजलि योगपीठ हरिद्वार में ऑनलाइन बुकिंग करवाने के लिए गूगल से नंबर निकाल कर ऑनलाइन बुकिंग करवाई थी। इसकी वजह से 85 हजार की धोखाधड़ी के शिकार हो गए। शिकायत मिलने के बाद टीम ने जांच शुरू कर दी है। शुरुआत में हरियाणा की गैंग का काम लग रहा है। खाते को फ्रिज करवा दिया गया है।

सलाह : फर्जी वेबसाइट से संपर्क से बचे

डीसीपी दंडोतिया के अनुसार, साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए कंपनी की रजिस्टर्ड वेबसाइट से संपर्क करें। कई गैंग इस तरह से फर्जी वेबसाइट बनाकर धोखाधड़ी कर रही है। सतर्क रहने से ही ठगी से बचा जा सकता है।