
Heavy Rain VIDEO : बादलों ने झुठलाई मौसम विभाग की ये भविष्यवाणी, 8 साल का रिकॉर्ड टूटा, बरस गया इतना ज्यादा पानी
इंदौर. बीते दो-तीन दिन से प्रदेश में मानसून ( monsoon ) मेहरबान है। पूरा मालवा-निमाड़ तरबतर है। इंदौर शहर में 8 साल के बाद अगस्त में 13.5 इंच बारिश ( heavy rain ) हुई हैं। इससे पहले 2011 में 20 इंच के लगभग बारिश हुई थी। मानसून सीजन में अगस्त तक हुई बारिश भी बीते तीन वर्ष से अधिक हैं। इस साल बादलों की मेहरबानी ने मौसम विभाग की भविष्यवाणी को झुठला दिया। इंदौर जिले में अब तक औसत से 33 फीसदी ज्यादा बारिश हो चुकी हैं। दरअसल मौसम विभाग ने 96 प्रतिशत और स्कायमेट ने 92 प्रतिशत बारिश की भविष्यवाणी की थी, जबकि वर्तमान में मालवा-निमाड़ के 15 जिलों को देखें तो सामान्य से 45 प्रतिशत ज्यादा बारिश अब तक हो चुकी है। मंगलवार को भी शहर में सुबह से बारिश का दौर चल रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल मल्टी सिस्टम के चलते कुछ दिनों तक बारिश होती रहेगी। बंगाल की खाड़ी की सक्रियता के साथ ही अरब सागर से भी अच्छा पानी मिलने के संकेत हैं। मंगलवार को पश्चिम मप्र में अनेक हिस्सों में तेज बारिश के आसार हैं। इंदौर व आसपास भी अच्छी बारिश होगी। सोमवार को कुछ देर तेज बारिश हुई, शेष समय लोग फुहारों में भीगते रहे। दिनभर में आधा इंच से ज्यादा बारिश हुई। अगस्त में सामान्य तौर पर 11 इंच बारिश होती है, इस बार आंकड़ा 13.5 इंच तक पहुंच गया है, जबकि अभी चार दिन बचे हैं।
इन कारणों से हो रही बारिश
- मानसून द्रोणिका मीन सी लेवल पर बीकानेर, सीकर, टीकमगढ़, उमरिया, अंबिकापुर, जमशेदपुर, दीघा से बंगाल की खाड़ी तक बना है।
- हवा के ऊपरी भाग में चक्रवाती हवा का घेरा उत्तरी उड़ीसा, पश्चिम बंगाल के गंगा के क्षेत्र तथा झारखंड के बीच है, जो 0.9 किमी से 7.6 किमी की ऊंचाई तक पश्चिमी दिशा की ओर झुका है।
- पूर्वी पश्चिमी श्रीजोन 20 डिग्री उत्तरी अक्षांश पर से मध्य भारत पर से हो कर गुजर रहा हैं।
- 28 अगस्त को हवा के कम दबाव का क्षेत्र बंगाल की खाड़ी में बनने की संभावना है।
- पूर्वी मध्य अरब सागर में हवा के ऊपरी भाग में 3.1 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती हवा का घेरा बना है।
26 अगस्त तक बारिश
वर्ष ------ बारिश
2015------ 40.2
2016------ 30.5
2017 ------ 24.0
2018 ------ 22.2
2019 ------ 31.6
अगस्त में आठ साल की बारिश
2011 ------ 22
2012 ------ 07
2013 ------ 13
2014 ------ 7.5
2015 ------ 11.4
2016 ------ 12.5
2017 ------ 09
2018 ------ 10
2019 ------ 13.5
(बारिश इंच में)
सडक़ों पर गड्ढे, रेंग रहे वाहन
बारिश के कारण शहर की कई सडक़ें बदहाल हो गईं। डामर वाली सडक़ों पर बड़े-गड्डे हो गए। वहीं सीमेंट-कांक्रीट की सडक़ों पर भी गिट्टी निकल आई। इस वजह से सडक़ों पर वाहन रेंगते हुए चल रहे हैं। कई स्थानों पर पानी भरा होने से वाहन की गति धीमी करना पड़ रही है। चौराहों पर जाम की स्थिति बन रही है। बारिश के कारण लोगों ने कारों का उपयोग ज्यादा किया, इससे भी वाहनांे की लंबी कतारें लगीं। बीआरटीएस के बॉटलनेक वाले हिस्से, नौलखा, एमजी रोड, जवाहर मार्ग, सुभाष मार्ग, पलासिया, रिंग रोड के चौराहों सहित अनेक सडक़ों पर जाम की स्थिति बनी और लोग फंसे रहें।
Published on:
27 Aug 2019 01:51 pm
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