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World Hepatitis Day: क्या है हेपेटाइटिस बीमारी ? जानें लक्षण और बचाव के तरीके

-हेपेटाइटिस डे-मुत्यु का 10वां सबसे बड़ा कारण है हेपेटाइटिस-जानकारी का अभाव, कई पीड़ितों को नहीं पता हेपेटाइटिस के शुरुआती लक्षण-लक्षणों को लेकर सतर्कता से हो सकता है बचाव, अस्पताल में आने के बाद बीमारी आई सामने

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world hepatitis day

इंदौर। हेपेटाइटिस मूल रूप से लीवर की बीमारी होती है, जो वायरल इंफेक्शन के कारण होती है। इस अवस्था में लीवर में सूजन आने लगती है। टेस्ट और डाइग्नॉसिस के जरिए हेपेटाइटिस के कारणों का पता लगाया जा सकता है और उपचार शुरू किया जा सकता है। हेपेटाइटिस का पता लगाने के लिए लैब में सीरॉलजिकल ब्लड टेस्ट करते हैं। हेपेटाइटिस बी और सी से ग्रसित मरीजों के परिजनों तथा अन्य रिस्क वाले लोगों को यह टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है। शहर में कई मरीज ऐसे भी है जिन्हें अस्पताल आने के बाद बीमारी का पता चलता है।

2030 तक का लक्ष्य: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी। इसका लक्ष्य वर्ष 2030 तक हेपेटाइटिस को समाप्त करना है। योजना में रोकथाम, निदान और उपचार की पूरी श्रृंखला को शामिल किया गया है। जारी किए गए हैं।

क्रॉनिक हेपेटाइटिस की शुरुआत में स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाते, लेकिन, एक्यूट हेपेटाइटिस में स्पष्ट दिखाई देते हैं।

डॉ. हरी प्रसाद यादव, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट

दो प्रकार के होते हैं हेपेटाइटिस

1 एक्यूट हेपेटाइटिस: एक्यूट हेपेटाइटिस लीवर की सूजन है, जो विभिन्न विषाणुओं द्वारा लीवर को संक्रमित करने से होती है। हेपेटाइटिस ए और ई इनमें सबसे आम हैं, जो दूषित भोजन और पानी के सेवन से फैलता है। इसकी वजह से कई बार लीवर फैल्योर या मृत्यु भी हो सकती है।
लक्षण: हल्का बुखार, भूख कम लगना, चक्कर और उल्टी, ऊपरी पेट में हल्का दर्द, कमजोरी, खुजली और प्रोग्रेसिव पीलिया, आंखों और त्वचा का पीला रंग, गहरे रंग की पेशाब शामिल हैं।

समाधान: स्वच्छ पानी और भोजन का सेवन करें, पैक्ड और स्ट्रीट फूड से बचें, हेपेटाइटिस ए के लिए वैक्सीन लगवाएं।

2 क्रॉनिक हेपेटाइटिस: क्रॉनिक हेपेटाइटिस बी, सी और डी के कारण होता है, जो कि लम्बे समय तक बना रहने वाला संक्रमण है। ज्यादातर लोगों में लक्षण नहीं दिखते, इसलिए इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है। यह लंबे समय के बाद लीवर कैंसर, लीवर फैल्योर और सिरोसिस व मृत्यु का कारण बनता है।
लक्षण: बार-बार थकान, फ्लू, उल्टी, त्वचा का पीला होना हैं। इसके लक्षण सामान्य बुखार जैसे होते हैं। लेकिन धीरे-धीरे लीवर सेल्स को खराब होने लगते हैं और खून की उल्टियां होने लगती हैं।

समाधान: हेपेटाइटिस बी के लिए वैक्सीन उपलब्ध है। चिकित्सकीय सलाह और केस स्टडी के अनुसार समाधान होगा।