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‘1 घंटे बाद कुंभ के दर्शन कराऊंगी…’, फिर आई मनहूस खबर, बिखर गए 2 परिवार

mp news: परिवार के लिए यह यात्रा उम्मीदों और आस्था से भरी थी, लेकिन नेशनल हाईवे-30 पर भीषण सड़क हादसे ने सब कुछ बदल दिया।

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road accident

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mp news: बीती सुबह का वो समय जब परिवार प्रयागराज कुंभ में पवित्र स्नान की आस में सफर पर निकला था, वह उनके जीवन का सबसे दर्दनाक मोड़ बन गया। इंदौर के धरगांवकर और कचलानी परिवार के लिए यह यात्रा उम्मीदों और आस्था से भरी थी, लेकिन नेशनल हाईवे-30 पर भीषण सड़क हादसे ने सब कुछ बदल दिया।

तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकरा गई और सवार दो परिवारों के पांच लोगों में से तीन की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के पहले घायल रूपा धरगांवकर ने अपनी बड़ी बहन को फोन पर एक घंटे में कुंभ मेले के दर्शन करवाने की बात कही थी, लेकिन कुछ ही देर बाद हादसे की सूचना मिल गई।

हादसे के पहले किया था चाय-नाश्ता

प्रसाद धरगांवकर के साले गौतम ने बताया, जीजी, जीजाजी अपने मित्र के परिवार ईश्वर कचलानी के साथ घटना के पहले शनिवार रात 9.30 बजे इंदौर से प्रयागराज के लिए रवाना हुए थे। दोनों परिवार ने रास्ते में हादसे के पहले चाय-नाश्ता किया। वहीं से बड़ी बहन को रूप धरगांवकर ने फोन कर जानकारी दी थी कि वे कटनी पार कर चुके हैं और एक घंटे में प्रयागराज पहुंचने वाले हैं। बहन से वादा किया कि वे वीडियो कॉल कर महाकुंभ के लाइव दर्शन करवाएंगे, लेकिन इस वादे को पूरा होने से पहले ही उनकी गाड़ी हादसे का शिकार हो गई।

थोड़ी ही देर बाद उसी फोन से बहन के पास एक अनजान कॉल आया। फोन उठाते ही कॉल करने वाले ने कहा, ‘इनका एक्सीडेंट हो गया है।’ इस खबर से परिवार स्तब्ध रह गया। भोपाल से भतीजी-दामाद को घटना स्थल पर भेजा। पुलिस अधिकारियों से मदद मांगी तो जानकारी मिली। प्रसाद धरगांवकर और उनकी पत्नी कृपा की कोई संतान नहीं है। पांच बहनों और दो भाइयों के इस परिवार में अब केवल यादें और आंसू बचे हैं।

उजड़ गया परिवार

कचलानी परिवार के छोटे बेटे जय ने बताया, छोटी बहन विनीता 10वीं की पढ़ाई कर रही थी। मां गीता की भी इस हादसे में जान चली गई। पिता ईश्वर प्रसाद सब्जी व्यापारी हैं और उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी कमर में गंभीर चोट है। पिता को माता के निधन की जानकारी नहीं थी। उन्हें सोमवार सुबह अंतिम संस्कार से पहले बताया कि मां व छोटी बहन की मौत हो चुकी है। अब उन्हें संभाल नहीं पा रहे हैं।

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ट्रेन टिकट कैंसिल होने के बाद चुना सड़क मार्ग

परिजन का कहना है कि इस यात्रा के लिए परिवार पहले ट्रेन से जाना चाहता था, लेकिन टिकट कैंसिल हो जाने के कारण उन्होंने कार से सफर करने का फैसला किया। उन्होंने सोचा था कि दो दिन में वापस लौट आएंगे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

पुलिस जांच में झपकी की आशंका

पुलिस हादसे के तुरंत बाद मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों की मदद से कार में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। प्रारंभिक जांच में अंदेशा जताया कि हादसे की वजह कार चालक को आई झपकी हो सकती है। टक्कर इतनी तेज थी कि कार के परखच्चे उड़ गए।