
केके कॉलोनी क्षेत्र में हुए हमले में घायल कुक का टूटा दम, हमलावरों की तलाश जारी
इंदौर. राजश्री अपोलो अस्पताल में मरीज की मौत होने के बाद परिवार ने इलाज में लापरवाही और दो लाख रुपए के लिए शव रखने का आरोप लगाया। परिवार का कहना है, वेंटिलेटर पर रखे गए मरीज के खाने का खर्च भी बिल में जोड़ दिया गया।
महू निवासी राजेश नायर (54) कंसल्टेंसी का काम करते थे। 15 अक्टूबर को तबीयत बिगडऩे पर पत्नी और बेटी उन्हें अस्पताल लाई थी। उन्हें सांस लेने में तकलीफ और मुंह में छालों की शिकायत थी। उनके साले श्रीकुमारन नायर ने बताया, अस्पताल में वह खुद चलकर गए थे। वहां पहुंचते ही आईसीयू में रख दिया गया। अगले दिन वेंटिलेटर पर रखा गया। परिवार को बीमारी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। गुरुवार रात मौत होने की जानकारी के साथ 6.50 लाख रुपए का बिल बताया गया। मेडिक्लेम से साढ़े चार लाख रुपए एडजस्ट करने के बाद दो लाख रुपए देने पर ही शव देने की बात कही गई। श्रीकुमारन का कहना है, बिल में 46 यूनिट ब्लड चढ़ाने के साथ मरीज को दिए गए खाने का चार्ज भी जोड़ा गया था। वेंटिलेटर पर होने के दौरान खाना कैसे देने की बात कही तो अस्पताल प्रबंधन ने बिल में गलती की बात स्वीकारी। शुक्रवार को उन्होंने कलेक्टर व सीएमएचओ को शिकायत की। इसके बाद 75 हजार रुपए देकर शव सौंपा गया। परिजनों का कहना है, बार-बार बीमारी के बारे में पूछने पर वायरस के कारण प्लेटलेट्स व हीमोग्लोबिन कम होने की बात बताई गई, लेकिन वायरस का प्रकार डॉक्टर भी नहीं बता पाए। इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन के अखिलेश पिल्लई से पत्रिका ने संपर्क किया तो उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
पीसी सेठी अस्पताल में आइसीयू नहीं होने से भेजा एमवाय, प्रसूता की मौत
जिले में स्वास्थ्य विभाग के सबसे बड़े अस्पताल पीसी सेठी में सिजेरियन डिलेवरी के बाद एक महिला की हालत बिगड़ी तो आइसीयू नहीं होने से एमवाय अस्पताल रैफर किया गया। वहां महिला ने दम तोड़ दिया। परिजन ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। मामले में जांच की जा रही है।भागीरथपुरा निवासी सिमरन (25) पति रोहित को 22 अक्टूबर को पीसी सेठी अस्पताल में भर्ती किया गया था। सुबह 9.40 बजे सिजर डिलेवरी हुई। अधिक रक्तस्त्राव से हालत बिगडऩे पर दोपहर एक बजे महिला व बच्चे को एमवाय अस्पताल रैफर किया, जहां गुरुवार सुबह 5 बजे महिला की मौत हो गई। आक्रोशित परिजन पीसी सेठी अस्पताल पहुंचे और हंगामा किया। सूचना पर सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जडिय़ा और सीएसपी संयोगितागंज ज्योति उमठ बल के साथ पहुंचे और उन्हें समझाइश देकर शव पीएम के लिए एमवाय अस्पताल भेजा। पुलिस परिजन के बयान लेकर जांच कर रही है। सीएसपी ने कहा, पीएम रिपोर्ट और विभागीय जांच के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
25 Oct 2019 10:13 pm
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