
IIT Indore (फोटो सोर्स : सोशल मीडिया)
IIT Indore: आइआइटी इंदौर के लिए शनिवार का दिन खास रहा। एक ओर दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों के चेहरे पर डिग्री पाने की खुशी रही तो वहीं, विशेषज्ञों ने प्रोफेशनल्स लाइफ के लिए महत्वपूर्ण गुर सिखाए। सबसे खास इस बार का प्लेसमेंट रहा। 2024–25 प्लेसमेंट सीजन में संस्थान के 5 विद्यार्थियों को 1-1 करोड़ के पैकेज मिले। इंदौर परिसर के इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
पिछले साल सिर्फ एक छात्र को १ करोड़ रुपए का पैकेज मिला था। मई तक 400 से ज्यादा विद्यार्थियों को जॉब ऑफर हुई। 88% प्लेसमेंट रहा। औसत पैकेज 27 लाख रहा है। दीक्षांत समारोह में विभिन्न पाठ्यक्रमों में 813 विद्यार्थियों को डिग्रियां दी गईं। 6 को गोल्ड व 8 को सिल्वर मेडल मिले।
13वें दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि एचसीएल के को-फाउंडर पद्मभूषण डॉ. अजय चौधरी ने कहा, अब भारत को सर्विस सेक्टर से आगे प्रोडक्ट डेवलपमेंट की ओर बढ़ना चाहिए। 15-20 साल में भारत ने सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में शानदार काम किया है। अब एआइ (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का दौर है। इससे सर्विस सेक्टर की नौकरियों पर असर पड़ा है।
उन्होंने आगे कहा कि, युवा कोर इंजीनियरिंग की ओर लौटें। मशीन डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, इनोवेशन पर फोकस करें। इस मौके पर इसरो के पूर्व अध्यक्ष और आइआइटी इंदौर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. के. सिवन, आइआइएम डायरेक्टर हिमांशु राय और आइआइटी के डायरेक्टर प्रो. सुहास जोशी भी मौजूद थे।
Updated on:
13 Jul 2025 08:31 am
Published on:
13 Jul 2025 08:31 am
