
इंदौर. कोविड के लगातार नए वेरिएंट सामने आने से दुनियाभर के लोग कोविड से परेशान हैं. खासतौर पर ओमिक्रान वेरिएंट के मरीज सामने आने के बाद हर कोई चिंतित हो उठा है. एक और जहां लोगों में कोरोना का डर दोबारा पसरने लगा है वहीं केंद्र और राज्य सरकारें भी संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने से परेशान हो रहीं हैं. इस बीच आइआइटी इंदौर से कोरोना से संबंधित बहुत अच्छी खबर सामने आई है.
आइआइटी इंदौर ने कोरोना का प्रभावी इलाज खोजने का दावा किया है. आइआइटी इंदौर के एक शोध के आधार पर यह दावा किया गया है जिससे खासी राहत मिली है. आइआइटी इंदौर ने नीदरलैंड और जापान के शोधकर्ताओं के सहयोग से दवा— पेप्टाइड के रूप में कोविड का प्रभावी इलाज खोजने का यह दावा किया है.
ड्रग्स और वायरोलाजी जैसी प्रतिष्ठित वैज्ञानिक शोध पत्रिकाओं में महत्वपूर्ण शोध प्रकाशित - आइआइटी इंदौर के बायोसाइंसेस और बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डाक्टर मिर्जा एस बेग ने इंटरनेशनल सहयोगियों की टीम के साथ ड्रग्स और वायरोलाजी जैसी प्रतिष्ठित वैज्ञानिक शोध पत्रिकाओं में यह महत्वपूर्ण शोध प्रकाशित किया है. यह दवा —पेप्टिाइड प्रोटीन का छोटा सा हिस्सा है जिसका उपयोग न केवल कोविड 19 के इलाज के लिए बल्कि संक्रमण को दूर रखने के लिए भी किया जा सकता है.
औपचारिकता पूरी करने के बाद करीब 6 माह में ये दवा बाजार में उपलब्ध होने की संभावना - सफल प्रयोग के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि इससे कोविड संक्रमितों का प्रभावी इलाज हो सकेगा. औपचारिकता पूरी करने के बाद करीब 6 माह में ये दवा बाजार में उपलब्ध होने की संभावना है. डा. बेग के अनुसार अलग—अलग अध्ययनों में पाया गया है कि पेप्टाइड अब तक आए कोविड के सभी वेरिएंट पर प्रभावी है. आइआइटी इंदौर और डा. बेग के इस दावे के बाद कोरोना के सबसे खतरनाक वेरिएंट से उभरी चिंता कुछ हद तक खत्म होने की उम्मीद जताई जा रही है.
Published on:
06 Dec 2021 10:25 am
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