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अवैध कब्जे के खिलाफ संघर्ष करते हुए गुजर गई मां, अब बेटा दफ्तरों के काट रहा चक्कर

प्लॉट पर हो रहा अवैध निर्माण अफसरों ने प्लॉट पर बदमाश का कब्जा, लेकिन नहीं हो रही कार्रवाई

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इंदौर

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Reena Sharma

Aug 28, 2019

अवैध कब्जे के खिलाफ संघर्ष करते हुए गुजर गई मां, अब बेटा दफ्तरों के काट रहा चक्कर

अवैध कब्जे के खिलाफ संघर्ष करते हुए गुजर गई मां, अब बेटा दफ्तरों के काट रहा चक्कर

indore news. कालानी नगर चौराहा स्थित एक बुजुर्ग के प्लॉट पर बदमाश ने कब्जा कर लिया। पहले 11 साल तक बुजुर्ग मां ने अफसरोंं से गुहार लगाई, लेकिन कब्जा नहीं हटा। मां के निधन के बाद अब बेटा अफसरों के दफ्तर का चक्कर काट रहा है। खास बात यह है कि अफसरों ने प्लॉट पर कब्जा भी माना, लेकिन बदमाश की राजनीतिक पकड़ के कारण निर्माण हटाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे।

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नलिया बाखल निवासी मोहनलाल शर्मा (70) कई सालों से अपने प्लॉट को कब्जा मुक्त कराने के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक वे सफल नहीं हुए। जेवरात कारोबारी मोहनलाल शर्मा बताते हैं, 1998 में 4 कालानी नगर स्थित 30 बाय 50 के प्लॉट की रजिस्ट्री उनकी मां नर्मदाबाई शर्मा के नाम से हुई थी। इसके एक साल बाद उनके प्लॉट पर इलाके के पुराने बदमाश रमेश दुबे निवासी हजूरगंज ने कब्जा कर लिया। 1999 में मां नर्मदा शर्मा ने अफसरों को कब्जे की शिकायत की और तब से ही शिकायत का दौर चल रहा है।

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रमेश दुबे पुराना बदमाश है और 2004 से पहले तक उस पर पुलिस रिकॉर्ड में हत्या सहित अन्य गंभीर अपराध के करीब 24 अपराध दर्ज हो चुके थे। पहले तो प्लॉट के बाहर गुमटियां लगाई थीं, लेकिन धीरे-धीरे प्लॉट पर कब्जा कर लिया। दुकानें बनाकर किराए पर दे दी और लाखों रुपए किराया वसूल रहा है। 2010 में मां का निधन होने के बाद बेटे मोहनलाल ने शिकायतों का क्रम जारी रखा। एक बार पुलिस ने धोखाधड़ी का केस भी दर्ज किया, लेकिन आगे कार्रवाई नहीं हो पाई। रमेश दुबे ने बिना नक्शा पास कराए निर्माण कर लिया।

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नगर निगम को शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। तत्कालीन विधायक उषा ठाकुर ने कब्जा हटाने के लिए कई बार निगमायुक्त को पत्र लिखे, लेकिन कोई कार्रवाई?नहीं हुई। प्लॉट के सारे दस्तावेज शर्मा परिवार के पास हैं, फिर भी बिजली विभाग ने वहां मीटर लगा दिया। नल कनेक्शन भी हो गया। वहां पर आपत्ति लगाई तो किसी ने कार्रवाई की हिम्मत नहीं दिखाई। हाल ही में चौराहे के चौड़ीकरण के कारण यहां हुए अवैध निर्माण को तोड़ा गया। चौराहे का चौड़ीकरण तो नहीं हुआ, लेकिन निर्माण फिर शुरू कर दिया गया। मोहनलाल के मुताबिक कोर्ट में अपील की तो वहां से पहले से जारी यथास्थिति के आदेश को जारी रखा गया, लेकिन निर्माण फिर भी जारी है। दो दिन पहले एरोड्रम थाने में जाकर टीआई अशोक पाटीदार को फिर से शिकायत दर्ज कराई है।

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पुलिस रिपोर्ट में भी माना अवैध कब्जा

मोहनलाल के मुताबिक एरोड्रम पुलिस ने 6 सितंबर 2016 को कोर्ट में रिपोर्ट पेश की थी। रिपोर्ट में लिखा, रमेश दुबे ने प्लॉट के वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए, जिससे सिद्ध होता है कि दुबे द्वारा दस्तावेजों की कूट रचना कर मोहनलाल से छल किया है, उसके पास इस प्लॉट के कोई वैध दस्तावेज नहीं है। रमेश दुबे प्लॉट पर अवैध दुकानें बनाकर किराया वसूल रहा है।