
इंदौर. भदौरिया ग्रुप के इंडेक्स मेडिकल कॉलेज और अमलतास होटल पर पड़े आयकर छापे के बाद चेयरमैन सुरेश एस. भदौरिया के बेटे मयंक भदौरिया का वारंट जारी हो गया है। इंदौर इन्वेस्टिगेशन विंग द्वारा मारे गए छापे के दौरान सुरेश भदौरिया विभाग के सामने नहीं आए और न ही उनका बेटा मयंक भदौरिया पूछताछ के लिए आया। इसके बाद कार्रवाई करते हुए विभाग ने मयंक के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी कर दिया है। एमआईजी थाना प्रभारी विजय सिसौदिया ने बताया कि वारंट तामील करा दिया गया है। यदि अब भी वे विभाग के सामने पूछताछ के लिए नहीं आते हैं तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।
पूरे प्रदेश में पड़े छापे
भदौरिया ग्रुप पर की गई कार्रवाई में पूरे प्रदेश में छापे पड़े। इस दौरान इंदौर से शुरू हुई जांच भिंड, ग्वालियर, देवास, उज्जैन और दिल्ली तक पहुंच गई। भदौरिया द्वारा दिल्ली में भी एक होटल शुरू किया गया है, उसमें भी आयकर विभाग को काफी अनियमितता मिली है। उसकी भी जांच हो रही है। अब तक की जांच में भदौरिया और फाइनेंस ब्रोकर ग्रुप एमआरजे के दिलीप जैन के यहां से कुल 1 करोड़ 30 लाख नकद और 4 करोड़ 50 लाख की ज्वेलरी जब्त की गई।
मेडिकल सीटों के एवज में मिली दान की राशि
अभी तक की जांच में पता चला है कि भदौरिया के मेडिकल कॉलेज से जुड़े ट्रस्ट, सोसायटी में दान की राशि मेडिकल सीटों के एवज में ही आई थी, क्योंकि यह दान राशि पांच-पांच हजार की रसीद में दस से पंद्रह हजार लोगों के नाम पर काटी गई है, जो फर्जी नाम हैं। इसे भी जांच में ले लिया गया है।
ट्रस्ट में आई दान राशि से जमकर जमीनें खरीदी गई है। वहीं भदौरिया के सभी मुख्य ऑफिस के साथ ही आयकर विभाग ने जैन के छावनी स्थित दफ्तर पर प्रोहिबिटरी ऑर्डर चस्पा कर दिया है। जैन के सभी दस्तावेज खासतौर से जिसमें दूसरों के रुपए हुंडी, चि_ी पर ब्याज पर चलाने की जानकारी मिली है वह सभी जब्त हो गए हैं और उन्हें विभाग अपने दफ्तर ले गया है, जिसकी विस्तृत जांच होगी।
Published on:
27 Mar 2018 01:06 pm
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