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इंदौर. इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) ने अपना फोकस बदलते हुए हाउसिंग प्रोजेक्ट से हाथ खींचने का मन बना लिया है। तीन प्रयास के बाद भी स्कीम 155 के फ्लैट नहीं बिकने से सबक लेकर अब हाउसिंग की बजाए प्लॉट बेच कर कमाई करने पर जोर देने का फैसला लिया है। आगामी 6 माह में करीब 500 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी बेचने का प्लान बनाया है। इससे मिलने वाली राशि से आइएसबीटी सहित चार बड़े प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो सकेगा।
आइडीए पांच वर्षों से हाउसिंग प्रोजेक्ट बनाने में लगा है। स्कीम155 में 850 फ्लैट बनाएं, स्कीम 136 में करीब1200 फ्लैट की योजना बनाई, स्कीम 140 में आनंदवन फेस-2 और स्कीम 103में लक्जरी हाउसिंग प्रोजेक्ट लाया जा रहा है। लेकिन, हाल में आर्थिक समीक्षा बैठक में सामने आया कि आइडीए को बीते एक माह में निर्मित प्रॉपर्टी के बजाए प्लॉट बेच कर करीब 100 करोड़ रुपए की आय हुई है। इसी को आगे बढ़ाते हुए सभी स्कीमों में शेष प्रॉपर्टियों को सूची बनाई गई, जिसमें पता चला करीब 2 हजार करोड़ रुपए से अधिक की प्रॉपर्टी आइडीए के पास बेचने के लिए तैयार है। बाजार में इनके लिए लगातार मार्केटिंग की जरूरत है। हाउसिंग प्रोजेक्ट में प्रॉपर्टी बेचने में दिक्कत आती है क्योंकि निजी डेवलपर्स के सामने आइडीए के फ्लैट महंगे होते हैं।
इन चार प्रोजेक्ट पर शुरू होगा काम
- सुपर कॉरिडोर पर 75 मीटर यानी 25 मंजिला कमर्शियल कॉम्प्लेक्स की योजना है। इसके लिए करीब300 करोड़ रुपए की जरूरत होगी।
फायदा : कॉरिडोर पर कमर्शियल एक्टिविटी शुरू होगी, कार्पोरेट कंपनियां शहर में आएंगी।
- स्कीम 174 में ट्रांसपोर्ट हब का निर्माण शुरू होगा। इसमें 75 फीसदी से अधिक किसान समझौते के आधार पर जमीन देने को राजी हैं।
फायदा : शहर में भारी वाहनों की आवाजाही से मुक्ति मिल सकेगी। ट्रैफिक में सुधार आएगा।
- आइएसबीटी पर काम शुरू होगा। एयरपोर्ट की तर्ज पर बनने वाले इस बस स्टैंड पर करीब ४० करोड़ रुपए खर्च होंगे।
फायदा : शहर के ट्रैफिक में जाम लगाने वाली वीडियो कोच बसें शहर से बाहर होंगी। यात्रियों को आधुनिक बस स्टैंड मिलेगा।
- सुपर कॉरिडोर पर सेक्टोरियल विकास व जरूरी एमआर-सडक़ें बनाने का कार्य शुरू करेंगे, जिसमें एमआर-३, एमआर-११, १२ आदि शामिल हैं।
फायदा : कॉरिडोर पर सुविधाएं जुटाने से हाउसिंग प्रोजेक्ट गति पकड़ेंगे और शहर का विस्तार होगा।
६ माह में ५०० करोड़
आइडीए अध्यक्ष शंकर लालवानी ने कहा, आइडीए के पास अनेक स्कीम्स में प्रॉपर्टी खाली है। 6 माह में करीब 500करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी बेचने की योजना तैयार की गई है। सीइओ कुमार पुरुषोत्तम के अनुसार इस प्रॉपर्टी को बाजार में बेचने से मिली राशि आइडीए शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर खर्च कर सकेगा। सुपर कॉरिडोर पर मार्केटिंग की रणनीति तय करने के लिए ट्रांजेक्शन एडवाइजर नियुक्त करने की प्रक्रिया की जा रही है।
Published on:
06 Aug 2018 01:43 am
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