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पिपल्याहाना में ही बनेगी इंदौर जिला कोर्ट की नई बिल्डिंग, हाई कोर्ट ने दिए निर्देश

इस फैसले के बाद पिपल्याहाना तालाब पूरी तरह से खत्म हो जाएगा...

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इंदौर. जिला अदालत की नई बिल्डिंग पिपल्याहाना में ही बनेगी। गुरुवार को इंदौर हाई कोर्ट ने इसके लिए आदेश जारी किए। इंदौर जिला अभिभाषक संघ की याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि प्लाट नंबर 517 में जिला अदालत परिसर के लिए आवंटित जमीन यथावत रहेगी।

2018-19 में शुरू होगा निर्माण
इस आदेश के बाद यह साफ हो चुका है कि 2018-19 वित्तीय वर्ष में पिपल्याहाना पर हाई कोर्ट का काम शुरू हो जाएगा। राज्य सरकार को जल्द ही फंड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करना होगी और इसके बाद काम शुरू हो जाएगा। फंड आने के 6 माह के अंदर काम पूरा करना होगा। वकीलों के लिए चैंबर की जगह जज की सहमति से आवंटित होगी।

लंबे समय तक चला संघर्ष
गौरतलब है कि पिपल्याहाना तालाब को बचाने और कोर्ट को दूसरी जगह आवंटित करने का कई संगठन विरोध कर रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता किशोर कोडवानी, कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी समेत कई लोगों ने इसके विरोध में प्रदर्शन किए हैं। लंबे समय तक चले प्रदर्शनों के बाद में जिला कोर्ट को एग्रीकल्चर कॉलेज की जमीन पर बनाने पर भी विचार चला था। इसके बाद एग्रीकल्चर कॉलेज से जुड़े कुछ संगठन भी इसके विरोध में उतर आए थे। अब इन सब बदलाव के बाद इंदौर हाईकोर्ट ने खुद साफ कर दिया है कि जिला कोर्ट की नई इमारत पीपल्याहाना तालाब पर ही बनेगी।

खत्म हो जाएगा तालाब
जिला कोर्ट बनने के बाद माना जा रहा है कि पिपल्याहाना तालाब पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। तालाब की कुल जमीन 48 एकड़ के आसपास है। इसमें से करीब 38 एकड़ की जमीन पर जिला कोर्ट की नई इमारत बनेगी। अगर इमारत बनती है तो वहां तालाब की जमीन पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।

सीएम से भी की अपील
तालाब को बचाने के लिए स्थानीय संगठनों ने सीएम शिवराज सिंह चौहान से कई बार अपील की। लोगों ने पत्र भी लिखे और कई बार सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन भी किए।