1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इंदौर आंखफोड़वा कांड : 14 लोगों की रोशनी जाने के लिए जिम्मेदार आई हॉस्पिटल प्रबंधन पर होगी एफआईआर

- संभागायुक्त ने कलेक्टर को दिए दिशा निर्देश- हॉस्पिटल भवन का उपयोग जिला अस्पताल के लिए

2 min read
Google source verification

इंदौर

image

Hussain Ali

Aug 28, 2019

इंदौर आंखफोड़वा कांड : 14 लोगों की रोशनी जाने के लिए जिम्मेदार आई हॉस्पिटल प्रबंधन पर होगी एफआईआर

इंदौर आंखफोड़वा कांड : 14 लोगों की रोशनी जाने के लिए जिम्मेदार आई हॉस्पिटल प्रबंधन पर होगी एफआईआर

इंदौर. इंदौर नेत्र चिकित्सालय में मोतियाबिंद ऑपरेशन के दौरान 14 लोगों की आंखों की रौशनी जाने के मामले में जिम्मेदार हॉस्पिटल प्रबंधन पर एफआईआर की जाएगी। हॉस्पिटल को दी गई जमीन की लीज निरस्त करते हुए भवन प्रशासन वापस लेगा और इसका उपयोग निर्माणाधीन जिला हॉस्पिटल के लिए किया जाएगा।

मंगलवार को संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी ने घटना की जांच कमेटी से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर को कार्रवाई के लिए दिशा निर्देश जारी किए है। संभागायुक्त ने आंखों में इंफेक्शन, आंखे निकालना, घटना के बाद भी ऑपरेशन करने के लिए प्रबंधन की लापरवाही को आपराधिक कृत्य मानते हुए एफआईआर करवाने के लिए कहा है। 2011 में हुई घटना के बाद हास्पिटल का लाईसेंस निरस्त कर दिया गया था। इसे दोबारा बहाल करने के लिए दोषी तत्कालीन अधिकारियों की सूची बना पर उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करें। दवाई व ग्लब्ज कंपनियों को प्रतिबंधित करने की कार्रवाई करें। हास्पिटल को आवंटित जमीन मामले की जांच करें। 1971 से इसका भूभाटक वसूलें। प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी वहन करने में नाकाम रहा हैं, इसलिए भूमि-भवन वापस ले लिया जाए। इसका उपयोग जिला हास्पिटल के निर्माण होने तक हास्पिटल संचालन के लिए करें।

संक्रमित ग्लब्स सप्लायर कंपनी पर प्रतिबंध, एफआईआर होगी

इंदौर नेत्र चिकित्सालय में मोतियाबिंद ऑपरेशन के दौरान संक्रमण से 15 मरीजों की आंखों की रोशनी जाने के मामले में लिए गए 38 ओटी सैंपल में से एक हैंड ग्लब्स संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने पूरी जांच के बाद ग्लब्स सप्लाई करने वाली कंपनी पर प्रतिबंध लगाने की बात कही है। स्वास्थ्य विभाग ने न्यू लाइफ कंपनी मुंबई के तीन ग्लब्स के सैंपल लिए थे। एमजीएम मेडिकल कॉलेज से 7.5 साइज के पैक ग्लब्स में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। शनिवार को मिली रिपोर्ट के बावजूद कंपनी पर प्रतिबंध या उक्त खेप के उपयोग को रोकने का निर्णय विभाग ने नहीं लिया। स्वास्थ्य मंत्री सिलावट ने ‘पत्रिका’ से चर्चा में कहा, ग्लब्स का मामला संज्ञान में है। इसे लेकर भोपाल स्तर पर निर्देश जारी किए गए हैं। कंपनी के ग्लब्स के बैच नंबर के आधार पर सभी जगह उपयोग पर रोक लगाई जा रही है। नमूनों को जांच के लिए अन्य लैब भी भेजा जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद कंपनी पर प्रतिबंध के साथ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने अस्पताल की लीज निरस्त करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात भी दोहराई।