
Indore Fire Tragedy: (Photo Source - Patrika)
Indore Fire Tragedy: शहर के एक कारोबारी के जिस घर की दहलीज़ खुशियों के स्वागत के लिए सजती थी, वह बुधवार की काली सुबह एक 'सामूहिक चिता' में तब्दील हो गई। इस घटना के बारे में पड़ोसी टीना निगम ने बताया कि रात 3 बजे पड़ोसी ने शोर मचाकर उठाया कि सामने वाले घर (मेरे घर से 100 मीटर दूर) में आग लग गई है। बाहर देखा तो कार में आग लगी थी। मैं पति राजेंद्र निगम और बेटे सान्निध्य के साथ उधर दौड़ पड़े। कॉलोनी के लोग भी वहां पहुंचने लगे। सभी पुगलिया परिवार को आवाज लगा रहे थे, तभी कार में धमाके होने लगे।
आग बैटरी वाली कार से शुरू हुई और कुछ देर में पास रखी बाइक और स्कूटर तक जा पहुंची। धीरे-धीरे दरवाजे से होकर किचन तक चली गई। इस दौरान कॉलोनी के 100 से ज्यादा लोग आग बुझाने और लोगों को बचाने में जुटे रहे। फायर ब्रिगेड का टैंकर 40 मिनट लेट आया, वह भी आधा भरा। वह कार की आग बुझाने में ही खत्म हो गया। इस दौरान आग विकराल हो रही थी, घर में परिवार के लोग चीख रहे थे। फिर दूसरा टैंकर भी 20 मिनट लेट आया। घर में धुआं फैल चुका था।
दमकल और रहवासियों ने ऊपरी मंजिल की गैलरी पर लगी लोहे की जाली काटी और मनोज के तीनों बेटों और उनकी मां सुनीता को बाहर निकाला। इस दौरान मनोज भैया भी दिखे, लेकिन बाद में वे वापस किसी को लेने चले गए, फिर नहीं लौटे। उनके बेटे सौरभ के साले का परिवार बिहार से आया था। वे पति-पत्नी और दो बच्चों के साथ नीचे वाले कमरे में थे, लेकिन दरवाजा नहीं खुल रहा था। उन्हें निकालने मनोज नीचे गए, लेकिन गेट नहीं खुला और वे फंस गए। इस दौरान घर में अंधेरा था और धुआं बढ़ रहा था।
समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि मनोज पुगलिया के घर उनके ससुराल पक्ष (किशनगंज) से रिश्तेदार आए हुए थे। सोमिल के मामा विजय का इंदौर में इलाज चल रहा था, जिसमें पूरा परिवार जुटा था। रिश्तेदार खुशियां बांटने और स्वास्थ्य लाभ लेने आए थे, लेकिन वे काल के गाल में समा गए। दोपहर 4 बजे तक सभी आठ शवों को परिजन के सुपुर्द किया गया।
परिजन ने बताया कि फरवरी में मनोज ने मझले बेटे सोमिल की शादी पेटलावद की सखी से की थी। गणगौर पर सखी मायके गई थी। हादसे की सूचना मिलते ही इंदौर आई और सास की देखरेख में जुट गई।
-नवंबर 2025 में राऊ थाना क्षेत्र में केमिकल गोडाउन में आग लगने से दो महिला कर्मचारी जिंदा जलीं।
-अक्टूबर 2025 में लसूडिय़ा थाना क्षेत्र में कार शोरूम के पेंट हाउस में आग लगी। कारोबारी की दम घुटने से मौत हुई तो उनकी बेटी गंभीर रूप से झुलसी।
-2024 में परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में सेंट्रल एसी से लैस 3 मंजिला मकान में आग लगने से धुएं में फंसी कारोबारी की पत्नी की जान चली गई।
-दिसंबर 2023 में लसूडिय़ा थाना क्षेत्र में लैट में महिला जिंदा जली।
Updated on:
19 Mar 2026 12:52 pm
Published on:
19 Mar 2026 12:03 pm
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