
Indore-Manmad Rail Project : मनमाड़-इंदौर रेल परियोजना के तहत भारतीय रेलवे मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र तक नई रेल लाइन बिछाने जा रहा है। ऐसे में लंबे समय से अटके एमपी के इंदौर जिले के गांवों और महाराष्ट्र के धुलिया जिले में आने वाले कई गांवों का अधिग्रहण किया जाएगा। दरअसल, ये गांव रेल मार्ग के क्षेत्र में आ रहे हैं। इनके अधिग्रहण के लिए भारत सरकार के रेल मंत्रालय ने भी आदेश जारी कर दिए हैं।
इस संबंध में मनमाड़-इंदौर रेल्वे संघर्ष समिती के प्रमुख मनोज मराठे ने बताया की संघर्ष समिती के सहयोगी और रेल्वे मामलो के जानकार पुर्णिमेश उपाध्याय से मिली जानकारी के अनुसार अधिग्रहण के लिए रेल मंत्रालय मध्य रेलवे द्वारा मुंबई से 14 जनवरी 2025 को पत्र प्रेषित किए थे। उसी के तारीख में इंदौर जिले के अंतर्गत अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी डॉ. अंबेडकर नगर मऊ जिला इंदौर के अंतर्गत आने वाले 22 गांवों का अधिग्रहण करने का आदेश हुआ है।
इंदौर जिले के जिन गांवों का अधिग्रहण किया जाएगा उनमें खेडी ईस्तमुरार, चैनपुरा, कमदपुर, खुदालपुरा, कुराडा खेडी, अहिल्यापुर,नांदेड़, जामली, केलोद, बेरछा खेड़ी, गवली, पलास्या, आशापुर, मालेडी, कोदरिया, बोरखेड़ी, चोरडिंया, न्यू गुराडिया, मऊ कैंट अर्थात डॉक्टर अंबेडकर नगर तक भू-अधिग्रहण किया जाना है। इसके आदेश के तहत इंदौर जिले के 22 गांवों की जमीन अधिग्रहण की जानी है।
मराठे ने आगे बताया कि, वही केंद्र सरकार के राजपत्र गजट के अनुसार, सरकार रेल अधिनियम 1989 की धारा दो खंड साथ प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस अधिसूचना के राजपत्र के प्रकाशन की तारीख 6 जनवरी मुंबई 2025 को धुले महाराष्ट्र के धुलिया जिले तहसील के अंतर्गत 10 गांवों की जमीन अधिग्रहण के आदेश दिए, जिनमें पुरमे पाडा, आर्वी कस्बे लडिंग रणमाला दीमर सवाल देअवधान पिंपरी और वडजई शामिल हैं। शिंदखेड़ा तहसील के नरडाणा डाबली धन्दारने अजंडे खुर्द पिंपराड गव्हाणे शिराले वर्शी और दाभाषी के कुल 9 गांवों की जमीन अधिग्रहण के आदेश जारी हुए। वहीं, शिरपुर तहसील के उप विभागीय अधिकारी को तहसील के 18 गांवों की जमीन अधिग्रहण करने के आदेश मिले हैं। इनमें बाबुलदे, खरदे खुर्द, बलादे, सकवाड, हिंगोली बुर्ज, बोरगांव, सुभाष नगर, सिंगवे, शिरपुर खुर्द, शिरपुर बुजुर्ग, लवकी हडाखेड़, हलाखेड बुजुर्ग सांगवी, सांगवी बाद हेडृया, हडृया बुजुर्ग शामिल हैं।
मराठे ने बताया कि, विशेष परियोजना में लिए जाने के कारण इस परियोजना को योजना आयोग अर्थात नीति आयोग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कार्यालय वित्तीय विभाग से विशेष मंजूरी मिली है। इसके चलते इस परियोजना का तेज गति से काम चल रहा है।
Updated on:
21 Jan 2025 02:22 pm
Published on:
20 Jan 2025 12:54 pm
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