
Indore Manmad Rail Project
Indore Manmad Rail Project: 18 हजार 36 करोड़ की लागत से मध्यप्रदेश में बनने वाली इंदौर-मनमाड़ नई रेल लाइन इंदौर के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी। महाराष्ट्र-साउथ से जोड़ने वाली रेल लाइन से इंदौर का डेड एंड खत्म होगा। मनमाड़ को मिलाकर अब चार रेल लाइन ऐसी हैं जो इंदौर की एक नहीं चौतरफा राह खोलेंगी।
देशभर से आसान कनेक्टिविटी मिलेगी। आने वाले 4 से 5 पांच साल में 5 रेल लाइन दाहोद, खंडवा, बुधनी, छोटा उदयपुर, मनमाड़ से चौतरफा डेड एंड खत्म होगा।
बजट में 600 करोड़ मिले हैं। 2007 में दाहोद-इंदौर रेल प्रोजेक्ट स्वीकृत किया गया था। दाहोद-इंदौर वाया सरदारपुर-धार रेल लाइन प्रोजेक्ट की लंबाई 204.76 किमी है। इंदौर-राऊ 12 किमी व राऊ-टीही 9 किमी का काम पूरा होकर 21 किमी तैयार है। टीही टनल पर पटरियां बिछाने का काम हो चुका है।
रतलाम-महू-खंडवा-अकोला ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट को 910 करोड़ रुपए मिले हैं। वर्ष 2008 में रतलाम-इंदौर-महू-खंडवा-अकोला ब्रॉडगेज को विशेष दर्जा मिला। इसकी लागत करीब 2 हजार करोड़ है। खंडवा से सनावद का काम पूरा हो चुका है। ये प्रोजेक्ट भी इंदौर के डेड एंड को खत्म करेगा। महू से 4 किमी टनल का टेंडर हो चुका है। महाराष्ट्र और साउथ से जुड़े राज्यों की कनेक्टिविटी मिलेगी।
350 करोड़ रुपए मिलने पर धार-छोटा उदयपुर प्रोजेक्ट के जरिए शहर की कनेक्टिविटी सीधे गुजरात और महाराष्ट्र से हो सकेगी। इससे शहर की औद्योगिक गतिविधियों को पंख लगेंगे। सरदारपुर तक का ट्रैक बन चुका है। दाहोद और छोटा उदयपुर दोनों प्रोजेक्ट में इंदौर से धार तक एक ही लाइन है। टांडा तक रेलवे लाइन डल गई है। टांडा के आगे तक का काम थोड़ी समस्याओं के बीच चल रहा है।
इस बार सबसे अधिक राशि इस प्रोजेक्ट को मिली है। बुधनी की ओर से काम इन दिनों चल रहा है। इस रेल लाइन से जबलपुर की दूरी 68 किमी कम होगी। जबलपुर से यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी मिलेगी।
Published on:
19 Sept 2024 11:20 am
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