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सरकारी नौकरी पाने के लिए भतीजों ने की हेरफेर, चाचा ने खोली पोल, जानें पूरा मामला

Indore News : एमपी के इंदौर से हैरतअंगेज मामला सामने आया है। जहां भतीजों ने अनुकंपा नियुक्ति पाने के लिए चाचा के बेटे बनना चाह रहे थे।

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मध्यप्रदेश के इंदौर में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।यहां एक शख्स ने अपने भाई के डाक्यूमेंट्स लगाकर सरकारी नौकरी पाकर पुलिसवाला बन गया। जब बेटों को जानकारी लगी कि तो उन्होंने भी अनुकंपा नियुक्ति पाने की कोशिशें शुरू कर दीं। इसके बाद मृतक के भाई को शक हुआ। तब जाकर मामले का खुलासा हुआ। यह मामला फिलहाल पुलिस कमिश्नर तक पहुंच गया है।


लक्ष्मण जाटव के परिवार में दो बेटे हीरालाल और कैलाश थे। इसमें हीरालाल की मौत हो गई है। दोनों भाइयों की उम्र में दस साल का अंतर है। लेकिन उनकी शक्लें एक जैसी हैं। अपने काम-धंधे के सिलसिले में कैलाश इंदौर आकर रहने लगा था। इस दौरान कैलाश अपने डाक्यूमेंट्स धार के डही में ही छोड़ आया था।कुछ समय बाद कैलाश के पता लगा कि हीरालाल की नौकरी पुलिस विभाग में लग गई है।


हीरालाल की मौत के बाद उसके बेटों ने पुलिस में अनुकंपा नियुक्ति पाने का प्लान बनाया। इसके उन्होंने 57 साल की उम्र में ऑन ड्यूटी की मृत्यु बताकर डेथ सर्टिफिकेट बनवाया था। लेकिन उसमें बड़ी हेरफेर करके कैलाश का नाम लिखवा दिया। इसके लिए उन्होंने हीरालाल की पुलिस ड्रेस पहनकर वीडियो बनाया और फोटो भी खींचे। इसके बाद हीरालाल की फोटो पर फूल चढ़ाकर कैलाश जाटव नाम लिख दिया। उस समय तक हीरालाल की उम्र 68 साल हो गई थी।जो कि रिटारयरमेंट की आयु से ज्यादा थी। कैलाश की उम्र 57 साल है। हीरालाल के बेटे कैलाश की उम्र और मार्कशीट का फायदा उठाकर सरकारी नौकरी पाना चाहते थे।

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हीरालाल की मौत 26 दिसंबर 2023 को घर में गिरने से हो गई थी। बेटे कमल जाटव और राजू जाटव ने हीरालाल के शव को वर्दी पहनाकर फोटो खिंचवाए और साथ ही वीडियो भी बनाए। अंतिम संस्कार के दिन कैलाश घर आया तो उसे भतीजों पर शक हुआ। बेटों ने पिता हीरालाल का अंतिम संस्कार इंदौर में न करते हुए खेड़ीघाट में किया। वहीं भतीजों के रिश्तेदारों ने सरकारी रजिस्टर में हीरालाल की जगह कैलाश का चढ़वा कर झूठी रसीद ले ली। मृत्यु भोज कार्यक्रम के अगले दिन भतीजों ने चाचा कैलाश से अनुकंपा नियुक्ति के गवाह के रूप में साइन करने को कहा। कैलाश फोटो पर अपना नाम देख समझ गया था कि दाल में कुछ काला है। इसके बाद भतीजों से कैलाश ने सवाल किए तो उन्होंने डर में पूरी सच्चाई बता दी।


भतीजों ने कैलाश को बताया कि पिता हीरालाल ने आपके डाक्यूमेंट्स लगाकर सरकारी नौकरी पाई थी। उसी का फायदा उठाकर हम लोग भी कैलाश का बेटा बनकर अनुकंपा नियुक्ति लेना चाहते थे। पुलिस कमिश्नर को हीरालाल के चौथी पास होने की जानकारी है। पुलिस कमिश्नर ने क्राइम ब्रांच से मामले की जांच कराने की बात कही है।