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शिक्षिका ने सरकारी स्कूल के बच्चों के नाम की अपनी प्रॉपर्टी और मांग ली इच्छा मृत्यु

MP News: 5 साल पहले डॉक्टर के गलत इलाज से इंदौर के सरकारी स्कूल की शिक्षिका का आधा शरीर लकवाग्रस्त हो गया। जिंदगी व्हीलचेयर पर सिमट गई। लेकिन बुलंद हौसले की बदौलत वे रोज व्हीलचेयर से स्कूल जाती हैं, 8 घंटे पढ़ाती हैं।
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इंदौर

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Avantika Pandey

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Updated: 25 Jul 2025, 8:02 AM IST

Indore teacher euthanasia

शिक्षिका ने सरकारी स्कूल के बच्चों के नाम की अपनी प्रॉपर्टी (फोटो सोर्स : सोशल मीडिया)

MP News: 5 साल पहले डॉक्टर के गलत इलाज से इंदौर के सरकारी स्कूल की शिक्षिका का आधा शरीर लकवाग्रस्त हो गया। जिंदगी व्हीलचेयर पर सिमट गई। लेकिन बुलंद हौसले की बदौलत वे रोज व्हीलचेयर से स्कूल जाती हैं, 8 घंटे पढ़ाती हैं। अब उन्होंने पूरी संपत्ति सरकारी स्कूल के 6 बच्चों के नाम कर दी। अंगदान की भी सहमति दे दी। अफसोस, उन्होंने राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की मांग की है।

देखभाल करने वाला कोई नहीं

जूनी इंदौर के सरकारी स्कूल की शिक्षिका चंद्रकांता जेठानी(Indore Teacher Euthanasia) ने 2020 में इलाज कराया। उन्होंने बताया, मल्टीपल फ्रैक्चर हैं। काफी दर्द होता है। देखभाल करने वाला परिवार में कोई नहीं है। शिक्षिका ने राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की मांग की है। इच्छा मृत्युमांग के बाद दिल्ली से जिला प्रशासन से जवाब तलब किया। अबशुक्रवार को सामाजिक न्याय विभाग के अफसर शिक्षिका की काउंसलिंग करने पहुंचेंगे।

आत्महत्या नहीं करूंगी....

शिक्षिका चंद्रकांता ने बताया, मैंने अपनी पूरी प्रॉपर्टी शासकीय स्कूल के 6 बच्चों के नाम की है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज को शरीर के अंग को दान करने की भी सहमति दी है। ताकि जरूरतमंद के काम आएं। मैं आत्महत्या नहीं करूंगी, क्योंकि मैं खुद बच्चों को आत्मविश्वास दिलाना सिखाती हूं।

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