7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Good News: महाकाल के बाद इंदौर के खजराना गणेश मंदिर को मिला ‘हाईजीनिक भोग’ का सर्टिफिकेट

-खजराना गणेश मंदिर को बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है....... - खजराना भोग को प्रमाण पत्र से नवाजा गया

2 min read
Google source verification
photo6208774564293487991.jpg

Khajrana Ganesh Temple

इंदौर। इंदौर शहर के प्रसिद्ध खजराना मंदिर को भारतीय खाद्य मानक प्राधिकरण ने भोग क्षेत्र यानी उच्च गुणवत्ता और हाइजिन प्रसाद क्षेत्र के प्रमाण पत्र से नवाजा है। यह महाकाल मंदिर के बाद प्रदेश का दूसरा भोग क्षेत्र है। एफएसएसआइ गणपति मंदिर प्रबंध समिति खजराना के नाम प्रमाण पत्र जारी किया है।

जानकारी के अनुसार पिछले दिनों प्राधिकरण की टीम ने मंदिर की स्वच्छता, उच्च हाइजिन मानकों के आधार पर आडिट किया था, जिस पर यह खरा उतरा है। बता दें कि इंदौर के खजराना गणेश की मूर्ति स्वयंभू है। मान्यता है कि यहां भक्त कैसी भी अर्जी लगाए उसकी सारी इच्छाएं पूरी हो जाती है।

इस मंदिर में दुनियाभर से भक्त आकर विघ्नहर्ता के सामने अपनी मन्नतों की अर्जी लगाते हैं। भगवान गणेश भी अपने दरबार में आने वाले सभी भक्तों की हर इच्छा की पूर्ति करते हैं. खजराना गणेश की ख्याति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फिल्मी कलाकारों (Bollywood Actors) और खिलाड़ियों से लेकर बड़े नेताओं तक सभी खजराना गणेश के दर्शन कर बप्पा का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। मान्यता है कि यहां पर मनोकामना लेकर आने वाला कोई भी भक्त कभी निराश होकर नहीं लौटता है।

होलकर वंश की महारानी ने बनवाया था मंदिर

इंदौर का खजराना स्थित गणेश मंदिर का निर्माण 1735 में होलकर वंश की महारानी अहिल्या बाई ने करवाया था. मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धालु इस मंदिर की तीन परिक्रमा लगाते हैं और मंदिर की दीवार पर धागा बांधते हैं. वैसे तो भगवान गणेश की पूजा-अर्चना हर शुभ कार्य करने से पहले की जाती है, लेकिन खजराना गणेश मंदिर में भक्तों की सबसे अधिक भीड़ बुधवार के दिन होती है. बुधवार को भगवान गणेश की पूजा करने के लिए भक्त दूर-दूर से यहां आते हैं. इस दिन यहां विशेष आरती आयोजित की जाती है।

महाकाल के प्रसाद को मिली थी रेटिंग

वहीं इससे पहले मध्य प्रदेश का उज्जैन महाकाल मंदिर देश का पहला ऐसा मंदिर हो गया है, जहां के लड्‌डू प्रसाद को फाइव स्टार हाइजीन रेटिंग मिली है। प्रशासन ने इस संबंध में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) की मदद से थर्ड पार्टी ऑडिट कराया था। जिसके बाद मंदिर द्वारा संचालित लड्डू प्रसाद एवं नि:शुल्क अन्नक्षेत्र को 5 स्टार रेटिंग का दर्जा मिला है। भारत सरकार द्वारा इसका प्रमाण-पत्र जारी कर दिया गया है। देश का पहला मंदिर, जिसके प्रसाद को FSSAI को 5 स्टार रेटिंग का दर्जा दिया है।