
Indore News : विधायक निधि के ट्रैक्टर टैंकरों का मामला जाएगा लोकायुक्त
इंदौर. शहर की विधानसभाओं में विधायक निधि के ट्रैक्टर टैंकर चल रहे हैं, जो नगर निगम को हैंडओवर हो गए और डीजल, ट्रैक्टर से लेकर ड्राइवर पर हर महीने हजारों रुपए निगम खर्च कर रहा है। टैंकरों पर भाजपा विधायकों और पार्षदों का प्रचार-प्रसार हो रहा है। इस पर निगम में विपक्ष के नेता ने सवाल उठाया है। साथ ही पूरे मामले को लोकायुक्त पुलिस में ले जाने की तैयारी है, क्योंकि टैंकरों में न तो जीपीएस लगा और न ही रेकॉर्ड मेंटेन हो रहा है। साथ ही जलप्रदाय विभाग के सहायक यंत्री टैंकरों की मॉनिटरिंग नहीं करते हैं।
अभी शहर के किसी भी क्षेत्र में पानी को लेकर समस्या नहीं है। जलूद में किसी तकनीकी कारण या फिर इलेक्ट्रिक फाल्ट होने से पंप बंद होने पर टंकियों के न भरने पर जलप्रदाय प्रभावित होता है वरना नहीं। गर्मी जैसे हालात नहीं हैं। बावजूद इसके निगम 85 बड़े टैंकरों के साथ 40 के आसपास ट्रैक्टर टैंकर चला रहा है। शहर की विधानसभाओं में यह टैंकर चल रहे हैं जो कि विधायक निधि के हैं। साथ ही निगम वर्कशॉप को हैंडओवर हो गए हैं। शहर की विधानसभाओं में चल रहे 40 टैक्ट्रर टैंकरों में से आधे दो नंबर विधानसभा और 12 के आसपास तीन नंबर विधानसभा में चल रहे हैं। बाकी अन्य विधानसभाओं में चल रहे हैं।
विधायक निधि के ट्रैक्टर टैंकरों को लोकायुक्त पुलिस में ले जाने की तैयारी निगम में नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने कर ली है। उनका कहना है कि विधायक निधि के टैंकर निगम को हैंडओवर हो गए हैं। डीजल, ट्रैक्टर और ड्राइवर पर निगम हर महीने 57 हजार रुपए प्रत्येक टैंकर पर खर्च कर रहा है। इस तरह 40 टैंकरों पर हर महीने 22 लाख 80 हजार रुपए खर्च हो रहे हैं। जनता को पानी देने के लिए चल रहे टैंकरों पर निगम यह पैसा खर्च करता तो हमें कोई आपत्ति नहीं होती, लेकिन विधायक निधि से मिले टैंकरों पर पैसा निगम खर्च कर रहा है और भाजपा विधायकों और पार्षदों का प्रचार-प्रसार हो रहा है।
साथ ही ट्रैक्टर टैंकरों पर जीपीएस भी नहीं लगा है, जबकि निगम ने तय कर रखा है कि बिना जीपीएस के कोई सा भी टैंकर नहीं चलेगा। सवाल यह है कि फिर विधायक निधि के टैंकर बिना जीपीएस और रेकॉर्ड मेंटेन के कैसे चल रहे हैं। मामले में जलप्रदाय विभाग के सहायक यंत्रियों को पत्र लिखकर पूछा गया है कि टैंकरों को लेकर क्या मॉनिटरिंग की जा रही है। विपक्ष के नेता चौकसे का कहना है कि ट्रैक्टर टैंकरों का मामला उठाने पर वर्कशॉप विभाग ने भुगतान रोक दिया है। अगर कोई गड़बड़ी नहीं होती तो फिर भुगतान नहीं रोका जाता।
Published on:
30 Dec 2022 11:02 am
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