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19 साल की बेटी ने पहली बार देखी दुनिया, आंखों के आपरेशन के बाद रोशन हुई जिंदगी

10 दृष्टिहीन बच्चों की करवा रहे नि:शुल्क सर्जरी, एमए कर चुकी 19 वर्षीय बेटी ने पहली बार अपनी आंखों से देखी दुनिया

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इंदौर. सोलंकी परिवार के लिए रविवार का दिन बड़ी सौगात लेकर आया। उनकी बेटी की जिंदगी का अंधेरा पूरे 19 साल बाद खत्म हुआ. एमए कर रही उनकी 19 वर्षीय बेटी की एक आंख का ऑपरेशन किया गया। पट्टी खोलने के बाद उसे हाथ और अंगुलियां हिलते हुए दिखने लगी। सर्जन डॉ. राजीव चौधरी ने बताया, धीरे-धीरे आंखों की रोशनी बढ़ती जाएगी। लैंस लगाने पर वह अधिक दूरी तक भी देख सकेगी। करीब दो दशक बाद बेटी की जिंदगी रोशन होने पर परिजन भावुक हो उठे.

अभा श्वेताम्बर जैन महिला संघ केन्द्रीय इकाई द्वारा इंदौर के 5 ब्लाइंड स्कूल के 300 बच्चों की जांच करवाई गई थी। इसमें से 10 दृष्टिहीन बच्चों का चयन किया गया, जिसमें से एक बच्ची की सर्जरी की गई। अध्यक्ष निशा संचेती व संस्थापक अध्यक्ष रेखा जैन ने बताया कि अगस्त में 80 बच्चों को विस्तृत जांच के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इनमें से 25 बच्चे ऐसे थे, जो मात्र 2 फीट दूरी तक ही देख सकते थे। इनके विशेष चश्मे बनाकर दिए जा रहे हैं, जिससे वे 12 फीट तक देख सकेंगे।

वहीं, अन्य 10 बच्चे सर्जरी योग्य निकले यानि सर्जरी के बाद इनकी आंखों की स्थिति ठीक हो सकेगी। इन सभी बच्चों की माता-पिता की सहमति के बाद महिला संघ की ओर से नि:शुल्क नेत्र सर्जरी करवाई जाएगी। पीड़ित परिवारों ने सहर्ष सहमति देकर सर्जरी से जुड़ी सभी जानकारी दी। मार्गदर्शक वीरेन्द्र कुमार जैन ने कहा, अब इस अभियान को पूरे मालवा प्रांत के दृष्टिहीन बच्चों के लिए भी नि:शुल्क शुरू किया जाएगा। इस नेक काम में सचिव वंदना जैन व सरोज कोठारी का विशेष सहयोग रहा।