इंदौर. नगर निगम के पास बने मार्केट में पालतू पशु-पक्षी बेचने वाली दुकानों सहित अन्य स्थानों पर पेट शॉप एक्ट 2010 का पालन नहीं होने के खिलाफ हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई।
जस्टिस पीके जायसवाल और वीरेंद्र सिंह की युगलपीठ ने प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव सहित सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव, डीजीपी, डीआईजी, इंदौर कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त को शो कॉज (कारण बताओ) नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। 23 जनवरी को होने वाली अगली सुनवाई से पहले सभी को जवाब पेश करना होगा।
यह भी पढ़ें- Animal Lovers ने कहा अंग्रेजों के जमाने के कानून बदलो, पशुओं पर अत्याचार रोकने होंगेमेनका गांधी के पीपल फॉर एनिमल्स संस्था की इंदौर इकाई की प्रियांशु जैन और जितेंद्र सिंह यादव द्वारा एडवोकेट कृष्णकुमार कुन्हारे के माध्यम से यह याचिका दायर की गई है। इसमें मुद्दा उठाया गया है कि नगर निगम ऑफिस सहित शहर के अन्य स्थानों पर जहां पालतू पशुओं की बिक्री की जाती है वहां पेट शॉप एक्ट 2010 का उल्लंघन किया जा रहा है। पशु बेचने के लिए एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया से लाइसेंस लेना होता है, लेकिन शहर में अधिकांश दुकानदार सिर्फ गुमाश्ता के लाइसेंस के आधार पर जानवर बेच रहे हैं। पशुओं की खरीदी-बिक्री का कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जा रहा है और अवैध बिक्री चल रही है। नियमों के मुताबिक पशुओं को दुकान के बाहर सड़क पर नहीं रखा जा सकता, लेकिन इंदौर में अधिकांश दुकान ऐसे ही चल रही हैं। छोटे-छोटे पिंजरों में कई गुना अधिक जानवर रखे जा रहे हैं।
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बैलों पर भी अत्याचारयह भी पढ़ें- #Blackmoney बचाने में जुटे इंदौरी, लोगों ने रातों रात लिया चौंकाने वाला फैसलासियागंज, छावनी अनाज मंडी और लोहा मंडी में सामान लाने-ले जाने के लिए बैलगाड़ी में जोते जाने वाले बैलों पर अत्याचार को भी मुद्दा बनाया है। एडवोकेट काशु महंत ने बताया, बैलों को नियम विरुद्ध रात में जोता जा रहा है।
पश्चिम क्षेत्र में सागर जूस सेंटर पर पशु-पक्षियों की प्रदर्शनी का भी उल्लेख किया गया है। सिलिकॉन सिटी क्षेत्र के कुत्तों को जहर देकर मारने का मामला भी उठाया गया है। कुन्हारे का कहना है, कुत्तों को जहर देकर मारने के बाद पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।