इंदौर. व्यापमं घोटाले से जुड़े सात आरोपियों के खिलाफ इंदौर के विशेष न्यायालय में चल रहे केस में बयान देने के लिए मंगलवार को एमजीएम मेडिकल कॉलेज की पूर्व डीन डॉ. पुष्पा वर्मा जिला कोर्ट पहुंचीं।
2013 में व्यापमं परीक्षा के लिए फॉर्म जमा करने के बाद दूसरे व्यक्ति से परीक्षा और काउंसलिंग में बैठाने के आरोप में पुलिस ने भिंड के रवींद्र विजय सिंह सहित सात लोगों को आरोपी बनाया है। पुलिस ने आरोपियों को 2014 में गिरफ्तार किया। विशेष लोक अभियोजक रंजन शर्मा ने बताया कि भिंड के रवींद्र ने मेडिकल कॉलेज में एडमिशन देने के लिए व्यापमं परीक्षा का फॉर्म जमा किया था। फॉर्म जमा करने के बाद जब परीक्षा का मौका आया तो रवींद्र ने अपने स्थान पर किसी अन्य छात्र को भेजा था। परीक्षा में पास होने के बाद काउंसलिंग में भी रवींद्र के स्थान पर अन्य शामिल हुआ था।
सिलेक्शन के समय खुद रवींद्र वहां पहुंचा। रवींद्र ने डॉ. पुष्पा वर्मा के सामने यह कबूल किया था कि उसने दूसरे व्यक्ति से परीक्षा दिलवाई थी। आरोपितों में राकेश खन्ना, रामचरित जाटव, नरेंद्र चौरसिया, अजय यादव, विक्रांत कुमार, ब्रजेश जाटव शामिल हैं।